संस्कृत भाषा न होकर भाषाओं की जननी हैः त्रिवेंद्र

News18India
Updated: August 7, 2017, 9:55 PM IST
संस्कृत भाषा न होकर भाषाओं की जननी हैः त्रिवेंद्र
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Updated: August 7, 2017, 9:55 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संस्कृत दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत मात्र एक भाषा न होकर भाषाओं की जननी है. यह गर्व की बात है कि हिंदी के साथ संस्कृत भी उत्तराखंड की राजभाषा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत मात्र भाषा नहीं, अपितु एक विचार है, एक संस्कृति है, एक संस्कार है. संस्कृत में उपलब्ध साहित्य को आधुनिक संदर्भों में समाज के समक्ष लाकर विश्व का बहुत बड़ा कल्याण किया जा सकता है.

उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने भी संस्कृत दिवस पर देवभूमि उत्तराखण्ड के निवासियों को शुभकामनाएं दीं. अग्रवाल ने कहा है कि संस्कृत भाषा के विस्तार एवं आम बोलचाल की भाषा बनाने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है.

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि संस्कृत दिवस के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि संस्कृत के उत्थान के लिए कुछ कार्य किए जाने चाहिए. अग्रवाल ने कहा है कि उत्तराखण्ड विधान सभा में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत उन्नयन समिति का गठन किया गया है साथ ही विधान सभा में सभी नाम पट्टिकाओं को संस्कृत में लिखवाया गया है.

 
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