Uttarakhand: स्कूल खुलने के साथ ही 6वीं से 8वीं तक के बच्चे आएंगे, करना होगा इन नियमों का पालन

उत्तराखंड में 6 फरवरी से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट स्कूल आएंगे. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड में 6 फरवरी से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट स्कूल आएंगे. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड (Uttarakhand) में आठ फरवरी से 6वीं से 9वीं तक के बच्चे स्कूल (School) आएंगे. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) को देखते हुये शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए एसओपी (SOP) जारी कर दी है. अब स्कूलों का संचालन सरकारी नियमों का पालन करते हुए करना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2021, 8:09 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में 8 फरवरी से कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूल (School) खुल जाएंगे. मुख्य शिक्षा सचिव ओम प्रकाश ने स्कूलों को खोलने के लिए एसओपी (SOP) जारी कर दी है. इसमें सभी स्कूलों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा गया है, जो सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) से लेकर बच्चों के चेहरे पर मास्क, हैंड सेनिटाइजर की व्यवस्था है या नहीं इस बात का ध्यान रखेंगे.

स्कूल बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने वाले स्टूडेंट्स को हैंड सेनिटाइड करना होगा. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना होगा. स्कूल में टीचर्स को मास्क पहनना अनिवार्य होगा. स्कूल मैनेजमेंट स्टूडेंट्स को मास्क और सेनिटाइजर भी उपलब्ध कराएगा. इसे साथ ही स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रखेंगे. जिन स्टूडेंट्स के पास ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्कूल बुलाया जाएगा. अगर कोई स्टूडेंट ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहता है तो स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी कि उसे सुविधा उपलब्ध कराये. वहीं दो शिफ्ट में भी क्लासेज संचालित की जा सकती हैं.

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एसओपी में कहा गया है कि पेरेंट्स को सहमति में लेकर ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा. अगर स्कूल में एक से ज्यादा एंट्री पाइंट हैं तो खास तौर पर उसकी मॉनीटरिंग की जाएगी. वहीं स्कूली बसों पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने वाले स्टूडेंट्स के लिए सेनिटाइजेशन पर खासतौर पर ध्यान रखा जाएगा. स्कूल कैंपस में यह बहुत जरूरी होगा कि टीचर और बच्चे सभी मास्क पहनें क्योंकि कैंपस के अंदर मास्क पहनना जरूरी होगा. वहीं जो बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं वह ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन जिन बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था नहीं है, वह स्कूल आएं इस बात का ध्यान रखा जाएगा.
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