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तो क्या दिल्ली में तय हो रहा है सीएम हरीश रावत का भविष्य!
Dehradun News in Hindi

Mukesh Yadav | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 25, 2015, 6:13 PM IST
 तो क्या दिल्ली में तय हो रहा है सीएम हरीश रावत का भविष्य!
मुख्‍यमंत्री हरीश रावत के सचिव का स्टिंग सामने आने के बाद देहरादून और दिल्ली में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में उत्तराखंड को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है. क्या सचिव के बाद सीएम रावत पर भी गाज गिराने की तैयारी चल रही है? यह एक बड़ा सवाल है.

मुख्‍यमंत्री हरीश रावत के सचिव का स्टिंग सामने आने के बाद देहरादून और दिल्ली में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में उत्तराखंड को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है. क्या सचिव के बाद सीएम रावत पर भी गाज गिराने की तैयारी चल रही है? यह एक बड़ा सवाल है.

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मुख्‍यमंत्री हरीश रावत के सचिव का स्टिंग सामने आने के बाद देहरादून और दिल्ली में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में उत्तराखंड को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है. क्या सचिव के बाद सीएम रावत पर भी गाज गिराने की तैयारी चल रही है? यह एक बड़ा सवाल है.

पहले कथित आपदा घोटाला और फिर हाल ही में सामने आया सीएम के सचिव मोहम्मद शाहिद का कथित स्टिंग सीएम पर भारी पड़ रहा है. देहरादून से लेकर दिल्ली तक सीएम हरीश रावत विरोधी खेमा सक्रिय है.

सीडी प्रकरण के बाद पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने दिल्ली में यह बयान देकर कि कांग्रेस हाईकमान उचित वक्त पर उचित फैसला लेगा, कांग्रेस पार्टी में हरीश रावत के प्रति विरोध को और हवा दे दी थी.

सूत्र बताते हैं कि शनिवार को सीएम रावत को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के समक्ष पेश होकर स्टिंग और आपदा घोटाले पर सफाई देनी थी. गौरतलब है कि एक दिन पहले शुक्रवार को ही सीएम ने स्टिंग में फंसे अपने सचिव को हटाया था.



माना जा रहा है कि स्टिंग सामने आने के कई दिनों बाद सीएम को यह कार्रवाई इसलिए करनी पड़ी ताकि वे दिल्ली दरबार में अपना बचाव कर सकें. कार्रवाई करने के नाम पर उनके पास कहने को कुछ तो हो. हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि दिल्ली में आला कांग्रेसी नेताओं, खासकर राहुल कैंप के सचिव को हटाने की घोषणा के बावजूद रावत ने कार्रवाई करने में देरी की.

ऐसे माहौल में जब राहुल गांधी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर संसद में मोदी के खिलाफ मुखर हैं, रावत को अपने सचिव को हटाने में की गई हीलाहवाली भारी पड़ सकती है.

इधर, देहरादून में हरीश रावत गुट के मंत्री और विधायक अचानक मीडिया में मजबूती से सीएम हरीश रावत के साथ खड़े होने की बाते कहने लगे हैं. राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले इन तमाम घटनाक्रम को सीएम हरीश रावत पर गाज गिरने से जोड़कर देख रहे हैं.

हलांकि, सच यह भी है कि हरीश कांग्रेस हाईकमान के वफादार सिपाही माने जाते रहे हैं. इसीलिए आपदा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को हटाकर, रावत को सीएम की कुर्सी पर बैठाया गया था. इस दौरान लोकसभा चुनाव हुए और कांग्रेस लोकसभा में डबल डिजिट में ही सिमट गई. कहा जा रहा है कि इसके बाद हरीश रावत ने कांग्रेस हाईकमान की कुछ मौकों पर अनदेखी की. इसका भी खामियाजा हरीश रावत को सीएम की कुर्सी गंवाकर भुगतना पड़ सकता है.

बताया जा रहा है कि रावत विरोधी खेमा भी इस मौके को चूकना नहीं चाहता. अगर रावत को हटाकर उनके नेता को सीएम नहीं भी बनाया जाता है तो भी सरकार में वे कुछेक मंत्री पद तो झटक ही सकते हैं.

सूत्र बताते हैं कि सीएम दिल्ली जाते-जाते अचानक इसलिए जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से वापस देहरादून लौट गए, क्योंकि दिल्ली में जिस हाईप्राफाइल मीटिंग में उन्हें शामिल होना था, उसमें हंगामा हो सकता था. हालांकि, सीएम का कहना है कि उन्हें राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक में भाग लेना था, इसलिए उन्हें वापस देहरादून लौटना पड़ा.

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First published: July 25, 2015, 6:13 PM IST
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