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सख्‍त आदेश: दिवाली पर शाम 7-9 बजे तक ही करें आतिशबाजी

सख्‍त आदेश: दिवाली पर शाम 7-9 बजे तक ही करें आतिशबाजी

दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्देश जारी किये गये हैं. जारी निर्देशों में अपेक्षा की गई है कि कम खतरनाक पटाखों की ईकाइयों को ही लाइसेंस दिए जाएं.

दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्देश जारी किये गये हैं. जारी निर्देशों में अपेक्षा की गई है कि कम खतरनाक पटाखों की ईकाइयों को ही लाइसेंस दिए जाएं.

दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्देश जारी किये गये हैं. जारी निर्देशों में अपेक्षा की गई है कि कम खतरनाक पटाखों की ईकाइयों को ही लाइसेंस दिए जाएं.

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    दिवाली पर पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्देश जारी किये गये हैं. जारी निर्देशों में अपेक्षा की गई है कि कम खतरनाक पटाखों की ईकाइयों को ही लाइसेंस दिए जाएं.

    पटाखों को शाम सात से नौ बजे तक ही जलाए जाएं. रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सामूहिक रूप से पटाखों के प्रयोग की अनुमति एक दिन में मात्र 30 मिनट के लिए दी जाए. साथ ही पटाखों के सभी नकारात्मक प्रभावों का प्रचार और पटाखों के कम या उत्तदायित्वपूर्ण प्रयोग को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए.

    केंद्रीय मंत्रालय की ओर से निर्देश तो जारी किए गए हैं, लेकिन इनके पालन की स्थिति अच्छी नहीं. शहर में जगह जगह बिक रहे पटाखे और देर रात तक चल रही आतिशबाजी से साफ है कि इन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है.

    पटाखे जलाने के दौरान बरतें ये सावधानियां

    1. बेहद नजदीक से या हाथ में पकड़कर पटाखों को न जलाएं.
    2. पटाखा न जलने पर तुरंत उसके पास न जाएं. हो सकता है वह अचानक फट जाए.

    3. शोर की तीव्रता कम करने के लिए ईयरप्लग या ईयर मफ्स का प्रयोग करें.
    4. शराब आदि पीकर पटाखे न जलाएं. ऐसे में कई बार सावधानी हटने से हादसे हो जाते हैं.
    5. बहुत तेज शोर करने वाले पटाखों और बमों से बचें.

    6. माता-पिता की निगरानी में ही बच्चे पटाखे जलाएं और बुजुर्ग व गर्भवती महिलाएं पटाखों से दूरी बनाएं.
    7. पटाखों की आवाज से यदि कान सुन्न होने, कम सुनने, सीटी बजने जैसी आवाज महसूस हो तो देर किए बिना चिकित्सक से संपर्क करें. इन परेशानियों में इलाज के लिए शुरुआती 24 घंटे प्रभावी होते हैं.

    Tags: Diwali

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