COVID-19: टिहरी में कोरोना का खतरा बढ़ा, CMO ऑफिस के बाद जिला अस्पताल भी सील
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COVID-19: टिहरी में कोरोना का खतरा बढ़ा, CMO ऑफिस के बाद जिला अस्पताल भी सील
टिहरी ज़िला अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ़ पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा है.

COVID-19 संकट के दौरान टिहरी में पहले हिंडोलाखाल अस्पताल और सीएमओ ऑफिस के बाद अब नई टिहरी जिला अस्पताल भी सील कर दिया गया है.

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टिहरी. कोरोना संक्रमण काल (COVID-19 crisis) में टिहरी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. संक्रमण की रोकथाम में लापरवाही की वजह से पहले हिंडोलाखाल अस्पताल फिर सीएमओ ऑफिस और उसके बाद अब नई टिहरी जिला अस्पताल (New Tehri District Hospital) भी सील कर दिया गया है. लगातार एक के बाद एक मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर तो सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही टिहरी में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.

सीएमओ ऑफिस सील 

बता दें कि 18 जून को हिंडोलाखाल में एंबुलेस और एक अन्य स्टाफ के कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद हिंडोलाखाल अस्पताल को सील करा दिया गया था. कोरोना पॉज़िटिव स्टाफ़ के संपर्क में आए अन्य लोगों के सैम्पल लिए गए थे, जिनमें से 11 कोरोना पॉज़िटिव आए थे. इन सभी को कोरोना आइसोलेशन सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, में शिफ्ट कर दिया गया था और हिंडोलाखाल अस्पताल को सील कर दिया गया था. अन्य लोगों को भी क्वारंटाइन किया गया है.



इसके बाद 19 जून को मुनि की रेती में तैनात में तैनात एक डॉक्टर की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. यह डॉक्टर सीएमओ ऑफिस में मीटिंग में शामिल हुए थे. इसके बाद सीएमओ ऑफिस को भी सील कर दिया गया और सीएमओ ऑफिस के स्टॉफ को क्वारंटाइन कर दिया गया. डॉक्टर के कॉन्टैक्ट में आए 6 लोगों के सैंपल भेजे गए.
डॉक्टर-स्टाफ भी खतरे में 

15 जून को नई टिहरी ज़िला अस्पताल पहुंची एक महिला की मौत हो गई, तो कोरोना संदिग्ध मानते हुए उसकी सैंपल रिपोर्ट भेजी गई. 20 जून को उसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. इसके बाद ज़िला अस्पताल में भी अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल को सील कर दिया गया.

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बताया जा रहा है महिला गुड़गांव से प्रतापनगर क्षेत्र के लंबगांव पहुंची थी और प्रेग्नेंट थी. तबीयत बिगड़ने के चलते उसे ज़िला अस्पताल लाया गया, जहां कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों का कहना था की महिला की मौत अत्याधिक ब्लीडिंग होने से हुई है. इसके बाद संदिग्ध मानते हुए महिला का कोरोना सैंपल भेजा गया.

महिला के सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट 20 जून को आई, जिसमें वह कोरोना पॉज़िटिव निकली. इसके बाद ज़िला अस्पताल बौराड़ी को सील किया गया. महिला के डायरेक्ट कान्टैक्ट में आने वाले डॉक्टर और स्टाफ का सैंपल लेकर उन्हें कोरोना टेस्ट के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार है फिलहाल उन्हें क्वारंटाइन किया गया है.

कोरोना से मौत नहीं! 

हालांकि इस मामले में सीएमओ डॉक्टर मीनू रावत का कहना है कि महिला की मौत कोरोना के चलते नहीं हुई है और महिला का कोरोना रिपोर्ट महिला की मौत के बाद आई थी. महिला का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकाल के तहत किया गया, जिसमें तीन से अधिक लोग शामिल नहीं हुए. महिला के पति और बेटे की रिपोर्ट भी कोरोना पॉज़िटिव आई है. इसके बाद उन्हें कोरोना आइसोलेशन सेंटर नर्सिंग कॉलेज में आइसोलेट किया गया है.
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