टिहरी झील में बोटिंग बंद होने से बढ़ी बोट संचालकों की परेशानी

टिहरी झील में करीब 55 बोट संचालित होती हैं और करीब एक सप्ताह से बोट संचालन बंद होने से प्रत्येक बोट व्यवसायी को 75 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का घाटा हो गया है.

Saurabh Singh Tehri | News18 Uttarakhand
Updated: June 30, 2018, 1:08 PM IST
टिहरी झील में बोटिंग बंद होने से बढ़ी बोट संचालकों की परेशानी
उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद टिहरी झील में बंद हुई बोटिंग.
Saurabh Singh Tehri | News18 Uttarakhand
Updated: June 30, 2018, 1:08 PM IST
उत्तराखंड हाई कोर्ट के निर्णय के बाद टिहरी झील में बोट संचालन बंद होने से जिले में बोट संचालकों और पर्यटन व्यवसाइयों की परेशानियां बढ़ गई हैं. जिससे बोट संचालकों और पर्यटन व्यवसाइयों को लाखों रुपये का घाटा हो रहा है. टिहरी झील में करीब 55 बोट संचालित होती हैं और करीब एक सप्ताह से बोट संचालन बंद होने से प्रत्येक बोट व्यवसायी को 75 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का घाटा हो गया है.

उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद बोट संचालन बंद होने चलते व्यवसाइयों के सामने बैंक की किश्ते भरने के लाले पड़ गए हैं. बोट व्यवसायी वीरेंद्र सिंह ने न्यूज 18 को से बात करते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार ने इस मामले में जल्द पैरवी नहीं की, तो बोट व्यवसायियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा.



वीरेंद्र सिंह ने बताया की यदि हालात यहीं रहे तो वो बैंक से लिए लोन किश्त नहीं चुका पाएंगे.इस मामले में कांग्रेस ने भी राज्य सरकार के रुख की जमकर आलोचना ही है. कांग्रेस ने शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि सरकार के खिलाफ लगातार उत्तराखंड हाई कोर्ट के निर्णय आ रहे हैं. इससे होई कोर्ट में सरकार की पैरवी करने वालों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. जिन पर हर माह लाखों खर्च किया जाता है.

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