लाइव टीवी

बूढ़ाकेदार जहां बुजुर्ग स्वरूप में की जाती है शिव की पूजा

Saurabh Singh | News18India
Updated: November 20, 2017, 2:06 PM IST
बूढ़ाकेदार जहां बुजुर्ग स्वरूप में की जाती है शिव की पूजा

  • News18India
  • Last Updated: November 20, 2017, 2:06 PM IST
  • Share this:
शिव भगवान चिर युवा माने जाते हैं और हर जगह उनकी पूजा इसी रूप में होती है लेकिन टिहरी गढ़वाल के बूढ़ाकेदार में भगवान शिव की बूढ़े स्वरूप में पूजा की जाती है. इसे पांचवां धाम भी कहा जाता है.

बालगंगा औऱ धर्मगंगा के बीच पांच पहाड़ों से घिरा बूढ़ाकेदार में भगवान शिव परिवार के साथ सतयुग से विराजमान है. स्कन्द पुराण के केदारखंड के श्लोक के अनुसार पांडवों को कौरवों की हत्या के बाद गोत्र हत्या का पाप लगा था. तब वेद व्यास ने धर्मराज युद्धिष्ठर को उत्तरी हिमालय की ओर जाकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करने को कहा.

पांडवों ने बूढ़ाकेदार में आकर भगवान शिव की परिवार के साथ पूजा अर्चना की और गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाई और उनका भव्य मंदिर बनवाया, जिसके बाद भगवान शिव यहां से केदारनाथ की ओर चले गए.

बूढ़ाकेदार में स्थित शिला में भगवान शिव के साथ पार्वती,  गणेश, कार्तिक, नंदी और पांडवों के स्वरूप के दर्शन होते हैं. शिला के पास ही भगवान शिव के पुजारी गुरू कैलापीर की भी पूजा अर्चना की जाती है.

गुरू कैलापीर बूढ़ा केदारवासियों के ईष्ट देव हैं और हर वर्ष दीपावली के एक माह बाद गुरू कैलापीर बग्वाल बलराज मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें गुरू कैलापीर के पुजारी नाथ समुदाय के लोग निशान को लेकर दौड़ लगाते हैं. आड़े टेढ़े खेतों में होने वाली इस दौड़ में भारी संख्या में दूर दराज से आए लोग शामिल होते हैं और मान्यता है कि इस दौड़ से उनके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं, मनोकामना पूरी होती है.

विश्व में भगवान शिव के बूढ़े स्वरूप को देखने दूर दराज से लोग यहां पहुंचते हैं और बूढ़ाकेदार में ही भगवान शिव की उनके पूरे परिवार के साथ पूजा अर्चना की जाती है. शासन प्रशासन की अनदेखी के चलते बूढ़ाकेदार आज भी पांचवे धाम के रूप में विकसित नहीं हो पाया है जिस कारण इसका प्रचार प्रसार भी नहीं हुआ.

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए टिहरी गढ़वाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 20, 2017, 2:06 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर