त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत कोरोना पॉजिटिव, कोटद्वार में हड़कंप

संपर्क में आए लोगों की टेस्टिंग की जाएगी.
संपर्क में आए लोगों की टेस्टिंग की जाएगी.

कोटद्वार एसडीएम ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव (COVID-19) व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार की जा रही है.

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कोटद्वार.  उत्तराखंड में कोरोना (COVID-19) की रफ्तार तेज होते जा रही है. कोरोना जांच में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Hark Singh Rawat) कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. सूचना के बाद से ही कोटद्वार में हड़कंप सा मच गया है. दरअसल, हाल ही में मंत्री हरक सिंह रावत कोटद्वार में आयोजित सीएससी उद्घाटन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमें सैकड़ों की तादाद में लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे थे. इसके साथ ही कोटद्वार में उनके आवास में भी बहुत से लोगों से उनकी मुलाकात भी जारी रही थी.

ऐसे में मंत्री के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से लोगों में भय का माहौल है. मंत्री में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग उनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार करने में जुट चुका है. साथ ही विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने के भी निर्देश दिए गए हैं. वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से कोरोना सैम्पलिंग की तादाद बढ़ाई जाने का दावा किया जा रहा है. एसडीएम कोटद्वार योगेश मेहरा का कहना है कि सैम्पलिंग की तादाद बढ़ा दी गई है, जबकि कोविड केयर सेंटर में भी व्यवस्थाएं दुरस्त की जा चुकी हैं. एसडीएम कोटद्वार ने कहा कि जो भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जा रहा है उसके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाने का काम किया जा रहा है जिससे संक्रमण को रोका जा सके.

विधानसभा का एक दिवसीय मानसून सत्र



इधर, उत्तराखंड में कोविड-19 के बढ़ते ग्राफ के बीच आहूत विधानसभा के एक दिवसीय मानसून सत्र में बुधवार को विपक्षी कांग्रेस ने महामारी पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर जबरदस्त हंगामा किया जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई. हालांकि बाद में कांग्रेस के हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही सरकार ने करीब डेढ दर्जन विधेयक सदन से पारित करवा लिए. जबकि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी कोविड पीड़ित होने के कारण सत्र में नहीं आ सके. राज्य विधानसभा के 20 वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका था जब अध्यक्ष ने सत्र की अध्यक्षता नहीं की और उनके स्थान पर उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कमान संभाली.
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विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित 42 विधायक विधानसभा में मौजूद रहे. जबकि 14 अन्य ने वर्चुअल तरीके से कार्यवाही में हिस्सा लिया. शेष विधायक सत्र से दूर रहे और माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाए. राज्य विधानसभा के 20 वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका था जब अध्यक्ष ने सत्र की अध्यक्षता नहीं की। उनके स्थान पर उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता की. उनके अलावा, सदन में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश और उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा भी संक्रमित होने के कारण सदन में मौजूद नहीं रहे.
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