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हिल टॉप व्हिस्की प्लांटः स्थानीय लोगों को न रोज़गार मिला, न पानी... शराब प्लांट के लिए खींची पाइप लाइन

मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि शराब की बॉटलिंग के इस प्लांट से स्थानीय लोगों का भला होगा, उन्हें रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों की यहां खपत होगी. लेकिन ये दावे ज़मीन पर सही नज़र नहीं आते.

मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि शराब की बॉटलिंग के इस प्लांट से स्थानीय लोगों का भला होगा, उन्हें रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों की यहां खपत होगी. लेकिन ये दावे ज़मीन पर सही नज़र नहीं आते.

मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि शराब की बॉटलिंग के इस प्लांट से स्थानीय लोगों का भला होगा, उन्हें रोज़गार मिलेगा और स्था ...अधिक पढ़ें

    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    देवप्रयाग में शराब प्लांट की अनुमति कब और किसने दी इस पर सियासत जारी है. बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस के समय में इसकी अनुमति दी गई और कांग्रेस कर रही है कि बीजेपी सरकार ने इसे रिन्यू किया है. मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि शराब की बॉटलिंग के इस प्लांट से स्थानीय लोगों का भला होगा, उन्हें रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों की यहां खपत होगी. लेकिन ये दावे ज़मीन पर सही नज़र नहीं आते. रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.


    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    देवप्रयाग विधानसभा के डडुवा ग्रामसभा में पानी की इतनी कमी है कि इसकी कमी से खेत बंजर हो रहे हैं और लोगों को पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है.


    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    लोगों को गांव से दो-ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्राकृतिक स्रोत से पानी लाना पड़ता है या फिर इतनी ही दूरी तय कर हैंडपंप से.


    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    हरीश रावत सरकार में एक निजी कम्पनी को डडुवा गांव में औद्योगिक प्रयोजन से लगभग 4 हैक्टेयर ज़मीन दी गई थी. कहा तो यह गया था कि यहां मिनरल वॉटर और बीयर की बॉटलिंग की जाएगी लेकिन हो रही है ह्विस्की और रम की बॉटलिंग की. स्थानीय ग्रामीणों के विपरीत प्लांट को पानी की कोई कमी नहीं है.


    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    प्लांट को पानी की सप्लाई के लिए नदी से एक पाइप लाइन डालकर पानी खींचा जा रहा है. यही नहीं जिन पहाड़ी क्षेत्रों से शराब नहीं रोज़गार दो और शराब नहीं पानी दो के नारों पर आंदोलन बुलंद हुए उसी पहाड़ में अपनी सरकारें इसके उलट चलकर पानी नहीं शराब देंगे की तर्ज पर चल रही हैं.


    Devprayag whisky plant, रोज़गार तो छोड़िए स्थानीय लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हुआ जबकि शराब प्लांट के लिए नदी से अलग पाइप लाइन खींची गई है.
    मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि इस प्लांट से स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा लेकिन ज़मीन पर यह भी झूठा साबित हो रहा है. प्लांट में काम करने वाले लोग स्थानीय बाहरी हैं. यह त्रासदी ही है कि विपक्ष में रहकर विरोध और सत्ता में आने पर समर्थन बीजेपी-कांग्रेस का चरित्र उत्तराखंडियों को हाशिए पर धकेलता जा रहा है और देवभूमि का दोहन करने वालों के लिए रेड कार्पेट बिछा रहा है.

    Tags: Job opportunity, Srinagar, Tehri news, Uttarakhand news

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