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    टिहरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मरीज

     भेदभाव का आरोप लगाते हुए डाक्टरों ने अस्पताल परिसर में पर्चे चस्पा किए हैं. (File Photo)
    भेदभाव का आरोप लगाते हुए डाक्टरों ने अस्पताल परिसर में पर्चे चस्पा किए हैं. (File Photo)

    पीड़िता के बेटे (Son) अजय कुमार का कहना है कि वो कई दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अधिकारी तो उनसे मिलने तक को तैयार नहीं है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: April 10, 2020, 4:15 PM IST
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    टिहरी. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को देखते हुए किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आम मरीजों पर भारी पड़ रही है. ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के टिहरी में आया है, जहां डॉक्टरों द्वारा मरीज को रेफर तो कर दिया गया लेकिन कागजों में रेफर टू हायर सेंटर नहीं लिखा. इसके चलते अब मरीज और परिजन अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

    टिहरी जिले में बौराड़ी निवासी एक महिला 1 अप्रैल को घर पर ही गिर गई थी और फिर उसे अस्पताल लाया गया और हाथ में फ्रैक्चर के चलते प्लास्टर कर दिया गया. 6 अप्रैल को हाथ में दर्द होने पर महिला का बेटा उसे फिर अस्पताल लाया तो डॉक्टरों द्वारा उसे हायर सेंटर जाने को कहा गया लेकिन कागजों में रेफर टू हायर सेंटर का जिक्र नहीं किया गया. लॉकडाउन के चलते महिला का बेटा हायर सेंटर जाने के लिए गाड़ी की परमिशन के लिए डीएम ऑफिस से लेकर पुलिस ऑफिस के चक्कर काट रहा है लेकिन उसे परमिशन नहीं मिल पा रही है और वहीं उसकी मां का दर्द से बुरा हाल है.

    पीड़िता के बेटे अजय कुमार का कहना है कि वो कई दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अधिकारी तो उनसे मिलने तक को तैयार नहीं है. वहीं उनकी माता का दर्द से बुरा हाल है. स्थानीय निवासी राकेश राणा का भी कहना है कि इतना बड़ा अस्पताल होने के बावजूद भी आम मरीजों को ईलाज नहीं मिल रहा है जिस कारण वो लोग भटकने को मजबूर हैं.



    कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल बौराड़ी को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है और पीएससी नई टिहरी में आम मरीजों के देखने की व्यवस्था की गई है. वहीं पीएससी नई टिहरी में डॉक्टरों और कर्मचारियों के नहीं होने से दूर दराज से आने वाले मरीज खासे परेशान हैं. दूसरी तरफ मामले को लेकर सीएमओ डॉ. मीनू रावत का कहना है कि वो इस मामले को देखेंगी और महिला के लिए उचित उपचार की व्यवस्था करवाएंगी.
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