COVID-19: टिहरी में क्वारंटाइन सेंटर्स की बदहाल स्थिति से लोग परेशान, लगातार आ रही शिकायतें

टिहरी में क्वारन्टाइन सेंटर्स की बदहाल स्थिति से लोग परेशान (फाइल फोटो)
टिहरी में क्वारन्टाइन सेंटर्स की बदहाल स्थिति से लोग परेशान (फाइल फोटो)

राज्य के टिहरी जिले में कई जगहों पर क्वारंटाइन सेंटर में जगह की कमी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन नहीं हो पा रहा है. वहीं मास्क और सैनेटाइजर की भी कमी की लगातार शिकायतें आ रही हैं

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टिहरी. कोरोना संक्रमण (COVID-19) काल में उत्तराखंड (Uttarakhand) के टिहरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लगातार सामने आ रही है. जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्वारंटाइन किए गए लोगों के लिए पूरी व्यवस्था किए जाने के हवाई दावे किए जा रहे हैं. जबकि प्रतापनगर और घनसाली क्षेत्र में कई जगहों पर क्वारंटाइन सेंटर में जगह की कमी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन नहीं हो पा रहा है. वहीं मास्क और सैनेटाइजर की भी कमी की लगातार शिकायतें आ रही हैं.

जिले में अभी तक 4,241 लोग अलग-अलग राज्यों और जिलों से पहुंचे हैं, इनमें से 4,098 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. क्वारंटाइन सेंटरों में बाहर से आ रहे लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं होने की शिकायत आ रही है. प्रशासन द्वारा इसकी जिम्मेदारी गांव के ग्राम प्रधान को दी गई है. प्रधान द्वारा पंचायत भवन और स्कूलों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं. लेकिन कई दूर-दराज क्षेत्रों में पंचायत भवन की दुर्दशा और स्कूलों की बदहाल स्थिति के चलते क्वारंटाइन सेंटर में व्यवस्थाओं की कमी देखी जा रही है.

क्वारंटाइन सेंटर नहीं पहुंचे अधिकारी और कर्मचारी
प्रतापनगर के लंबगांव में इंटर कॉलेज में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में छह लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. लेकिन यहां उनके खाने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है. वहीं क्वारंटाइन किए गए लोगों का कहना है कि चार दिन से वो क्वारंटाइन हैं. लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई यहां नहीं पहुंचा है और सभी के घर से उनके परिजन खाना लेकर आते हैं. वहीं क्वारंटाइन सेंटर में सैनेटाइजेशन का काम भी नहीं हो रहा है जिससे क्वारंटाइन किए गए लोगों के परिजनों को भी खतरा हो सकता है. उनका कहना है कि जब हमें क्वारंटाइन किया गया था तभी उनका हैल्थ चेकअप किया गया था. लेकिन उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी यहां नहीं पहुंचे हैं.
वहीं घनसाली के दूर-दराज क्षेत्रों में तो क्वारंटाइन सेंटर में व्यवस्था नहीं होने से एक छोटे कमरे में चार लोगों को रखा गया है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है. इस पर प्रशासन अन्य जगह व्यवस्था नहीं होने की बात कह रहा है.



प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही लगातार काम
चंबा के कई गांवों में होम क्वारंटाइन में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं. कई गरीब लोग ऐसे हैं जिनके पास एक ही कमरा, किचन और बाथरूम है. इससे जब बाहर से आए उनके किसी परिजन को होम क्वारंटाइन किया गया, तो अन्य लोग भी उन्हें के साथ क्वारंटाइन होने को मजबूर हैं. ऐसे लोगों का कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए. वहीं मामले में सीएमओ डॉ. मीनू रावत का कहना है कि होम क्वारंटाइन ऐसे लोगों को किया जा रहा है जिनके घरों में दो या तीन कमरे हैं, नहीं तो उन्हें अन्य जगह क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटरों में समुचित व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार काम कर रही है. जहां शिकायत आ रही है वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी जिससे कोरोना संक्रमण को रोका जा सके और क्वारंटाइन किए गए लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो.

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