इस समस्या ने नई टिहरी के लोगों का किया जीना हराम!

नई टिहरी में जलभराव Photo: ETV
नई टिहरी में जलभराव Photo: ETV

चंडीगढ़ की तर्ज पर बसाया गया नई टिहरी शहर देश का दूसरा एसा शहर है जिसे मास्टर प्लान के तहत बसाया गया है. योजनाकारों ने भले ही नागरिकों को सभी सुख सुविधाएं देने की कोशिश की हो लेकिन कुछ कमियां रह गई, जिनका सुधार आज तक नहीं हो पाया है. इनमें से एक है ड्रेनेज की समस्या जो कि हर बरसात में नई टिहरीवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती है.

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चंडीगढ़ की तर्ज पर बसाया गया नई टिहरी शहर देश का दूसरा एसा शहर है जिसे मास्टर प्लान के तहत बसाया गया है. योजनाकारों ने भले ही नागरिकों को सभी सुख सुविधाएं देने की कोशिश की हो लेकिन कुछ कमियां रह गई, जिनका सुधार आज तक नहीं हो पाया है. इनमें से एक है ड्रेनेज की समस्या जो कि हर बरसात में नई टिहरीवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती है.
पुरानी टिहरी के झील में समाने के बाद नई टिहरी शहर का उदय हुआ और 1983 से नई टिहरी शहर को आधुनिक ढंग से मास्टर प्लान के तहत बसाने का कार्य शुरू हुआ. सड़क, बिजली पानी की एेसी व्यवस्था की गई की आने वाले कई सालों तक किसी प्रकार की कोई दिक्कत नगरवासियों को न झेलनी पड़े. लेकिन योजनाकार पानी की निकासी अर्थात ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित करने में नाकाम रहे जिसका खामियाजा हर बरसात में नई टिहरीवासियों को उठाना पड़ता है.


स्थानीय निवासी ज्योति डोभाल का कहना है कि बरसात में पानी सड़कों पर बहता है पानी की निकासी नहीं होने से सड़क पानी से लबालब भर जाती है और कालोनियों में तालाब जैसी स्थिति पैदा हो जाती है.

ये नजारा तो तब है जब नई टिहरी शहर को मास्टर प्लान के तहत बसाया गया है लेकिन योजनाकारों की इस कमी को किसी ने भी दूर करने का प्रयास नहीं किया. पीडब्ल्यूडी, पुनर्वास और नगर पालिका किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जिससे हर बार बरसात में स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है.




नगर पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुंसाई का कहना है कि राज्य सरकार ने जो परिसंपत्तियां संबधित विभागों को आवंटित कि उसमें ड्रेनेज का पार्ट शामिल ही नहीं किया गया, जिससे कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है. लेकिन पालिका द्वारा नालियों की सफाई बरसात से पहले कराई जाती है.


लाखों की आबादी को ये भरोसा देकर नई टिहरी शहर बसाया गया था कि नई टिहरी शहर आधुनिक सुख सुविधाओं वाला शहर होगा, लेकिन बरसात में यहां के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल जाती है. जिस कारण लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है. बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब संबंधित विभाग या पालिका द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाएगा और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जाएगा.
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