Lockdown: टिहरी में रेस्तरां खोलने की गुहार, मालिकों ने कहा-कर्मचारियों को सैलरी देने के भी पैसे नहीं

टिहरी. लॉकडाउन के चलते बंद हैं बाजार
टिहरी. लॉकडाउन के चलते बंद हैं बाजार

रेस्तरां मालिकों का कहना है कि टिहरी में लॉकडाउन (Lockdown) में छूट बढ़ाए जाने के साथ ही बाजारों और शराब की दुकानों को खोलने की परमिशन दी गई है जिससे दुकानदारों को खासी राहत मिली है लेकिन रेस्तरां को अभी भी खोलने की परमिशन नहीं दी गई है.

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टिहरी गढ़वाल. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) से संक्रमण के बचाव के चलते हुए लॉकडाउन (Lockdown) से पर्यटन पर निर्भर रहने वाले छोटे कारोबारों पर भी बुरी मार पड़ी है. उत्तराखंड के टिहरी में भी रेस्तरां मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. टिहरी के छोटे रेस्तरां मालिकों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान हुए नुकसान के चलते अब उनके पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं हैं. साथ ही उनकी मांग है कि जब शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है तो रेस्तरां को भी खोलने और होम डिलीवरी की परमिशन दी जाए.

शराब की दुकानों को परमिशन तो उन्हें क्यों नहीं ?
टिहरी में रेस्तरां चलाने वाले कारोबारी बताते हैं कि इस दौरान उन्हें 3 से 4 लाख का नुकसान हो गया है. उनका कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा जैसे ग्रीन जोन में लॉकडाउन के दौरान बाजारों और शराब की दुकानों को खोलने की परमिशन और टाइम बढ़ाया गया है वैसे ही रेस्तरां को भी खोलने और होम डिलीवरी की परमिशन दी जाए. रेस्तरां मालिकों का कहना है कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से उनके रेस्तरां में ताले लटके हुए है और कर्मचारियों को वो अपनी जेब से सैलरी दे रहे हैं और अब तो कर्मचारियों को सैलरी देने के भी पैसे नहीं है. रेस्तरां मालिक खासे परेशान हैं. वहीं टिहरी ग्रीन जोन में है तो यहां लॉकडाउन में छूट बढ़ाए जाने के साथ ही बाजारों और शराब की दुकानों को खोलने की परमिशन दी गई है जिससे दुकानदारों को खासी राहत मिली है लेकिन रेस्तरां को अभी भी खोलने की परमिशन नहीं दी गई है.

होम डिलीवरी की ही मिल जाये परमिशन
ऐसे में लगातार नुकसान झेल रहे रेस्तरां मालिकों का कहना है कि उनके लिए भी शासन-प्रशासन द्वारा कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए और उन्हें भी इस लॉकडाउन की स्थिति में राहत के लिए अनुदान देना चाहिए. टिहरी के बौराड़ी के एक रेस्तरां मालिक दिनेश भट्ट का कहना है कि लॉकडाउन के चलते इनके पांच कर्मचारी अपने कमरों में कैद हैं. इनके द्वारा उन्हें राशन मुहैया कराया जा रहा है. दिनेश कहते हैं कि पिछले माह तो उन्हें अपनी जेब से सैलरी दी गई. लॉकडाउन के चलते वो कहीं जा भी नहीं सकते हैं. वहीं डेढ़ माह से रेस्तरां बंद है तो कोई आमदनी भी नहीं हो रही है ऐसे में उन जैसे लोगों को लगातार नुकसान हो रहा है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वो ग्रीन जोन टिहरी में रेस्तरां भी खोलने की परमिशन दें. होम डिलीवरी की भी परमिशन मिल जाएगी तो उन्हें कुछ तो राहत मिलेगी जिससे वो अपने कर्मचारियों का वेतन निकाल सकेंगे.



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