उत्तराखंड: प्रतापनगर में राजा के महल को बनाया जाएगा म्यूजियम, प्रशासन ने शुरू की प्लानिंग

 राजमहल के जरिए दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को टिहरी राजशाही का इतिहास पता लगेगा.

राजमहल के जरिए दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को टिहरी राजशाही का इतिहास पता लगेगा.

राजा प्रतापनगर के राजमहल को पुरानी धरोहर के रूप में सुरक्षित किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. टिहरी झील (Tehri Lake) से सटे प्रतापनगर क्षेत्र को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा.

  • Share this:
टिहरी गढ़वाल.  उत्तराखंड में टिहरी डैम (Tehri Dam) की झील से सटे प्रतापनगर क्षेत्र को भी टिहरी झील मैगा प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन सर्किट से जोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा प्लानिंग शुरू कर दी गई है. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा. महाराजा सुदर्शन शाह (Maharaja Sudarshan Shah) ने टिहरी को अपनी राजधानी बनाया था और उसके बाद उनके उत्तराधिकारियों प्रताप शाह ने प्रतापनगर, कीर्तिशाह ने कीर्तिनगर और नरेन्द्रशाह ने नरेन्द्रनगर को अपनी राजधानी बनाया. और 1815 से 1949 तक शासन किया. देखरेख और मेन्टेन्स के अभाव में प्रतापनगर (Pratap Nagar) का राजमहल और राजदरबार आज खंडहर की स्थिति में है लेकिन अब टिहरी रियासत की इन धरोहरों को अब पर्यटन की दृष्टि से डेवलेप किए जाने की योजना है.

इसके तहत राजा प्रतापनगर के राजमहल को पुरानी धरोहर के रूप में सुरक्षित किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. जिससे टिहरी झील से सटे प्रतापनगर क्षेत्र को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा. टिहरी झील से सटे प्रतापनगर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से डेवलेप किए जाने की योजना के तहत यहां टिहरी रियासत की ऐतिहासिक इमारतों और राजमहल के जरिए दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को टिहरी राजशाही का इतिहास पता लगेगा.

Youtube Video


 कैंप का प्रस्ताव बनाया जा रहा है
वहीं, पर्यटन सर्किट से जुड़ने से प्रतापनगर क्षेत्र भी विकसित होगा. स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि प्रतापनगर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से डेवलेप किया जाए तो यहां अपार संभावनाएं है जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा. डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि प्रतापनगर क्षेत्र को भी टिहरी झील मैगा प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन के रूप में डेवलेप किया जाना है जिसके लिए प्लानिंग तैयार कर ली गई है. और राजमहल को भी संरक्षित किया जाएगा. और उसके आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों के रात में रूकने के लिए हट्स और कैंप का प्रस्ताव बनाया जा रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज