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Badrinath Temple: बर्फ हटी, 8 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट

Badrinath Temple: बर्फ हटी, 8 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट

आठ मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट (Pic- ani)

आठ मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट (Pic- ani)

Badrinath Temple Darshan Timings: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ मंदिर के कपाट एक बार फिर से खुलने जा रहे हैं. आठ मई को सुबह 6.15 बजे प्राचीन मंदिर के कपाट खोले जाएंगे. पुजारियों ने शनिवार को इसकी घोषणा की है. हिंदू देवता विष्णु को समर्पित यह मंदिर हर साल सर्दियों के आगमन पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है और गर्मियों की शुरुआत में इसे दोबारा खोला जाता है.

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चमोली. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले में स्थित बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) के कपाट एक बार फिर से खुलने जा रहे हैं. आठ मई को सुबह 6.15 बजे प्राचीन मंदिर के कपाट खोले जाएंगे. पुजारियों ने शनिवार को इसकी घोषणा की है. हिंदू देवता विष्णु को समर्पित यह मंदिर हर साल सर्दियों के आगमन पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है और गर्मियों की शुरुआत में इसे दोबारा खोला जाता है.

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ मंदिर पूरी सर्दियों में बर्फ से ढका रहता है. यहां पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इसी को लेकर मंदिर के कपाट दर्शनार्थियों के लिए बंद ​कर दिए जाते हैं. पूर्व टिहरी नरेश मनुजेंद्र शाह के शाही पुजारियों ने बसंत पंचमी के मौके पर मंदिर के कपाट खोलने की तारीख और समय की घोषणा कर दी है. मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन का बड़ा महत्व है. सर्दी में इस मंदिर के कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को इसके दोबारा खोले जाने को इंतजार होता है.

परंपरा के अनुसार, मंदिर के कपाट खोलने की तिथि पूर्व टिहरी नरेश की कुंडली के आधार पर तय की जाती है. इसी के बाद पुजारियों ने शनिवार को भगवान विष्णु के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोलने की घोषणा की है. तिथि के ऐलान के समय बद्रीनाथ मंदिर के पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदी, राजेश नंबूदरी, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय और उपाध्यक्ष किशोर पंवार मौजूद थे.

बताया गया है कि दिसंबर जनवरी की सर्दी के बाद जैसे ही बसंत ऋतु शुरू होती है तो पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलने लगती है. बर्फ से ढके रास्से भी साफ होने लगते हैं. भारी बर्फ से पहाड़ों पर धार्मिक पर्यटन पूरी तरह से बंद हो जाता है. फरवरी माह में बर्फ हटने के साथ ही यहां एक बार फिर से श्रद्धालुओं की शिरकत शुरू हो जाती है.

Tags: Badrinath Temple, Badrinath Temple Doors Open, Chamoli News, Uttarakhand Latest News, Uttarakhand Vishnu Temple

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