लाइव टीवी

मौसम और लॉकडाउन ने इस तरह बचाये उत्तराखंड के जंगल, पढ़िये ये रिपोर्ट
Tehri-Garhwal News in Hindi

Saurabh Singh Tehri | News18 Uttarakhand
Updated: May 23, 2020, 1:30 PM IST
मौसम और लॉकडाउन ने इस तरह बचाये उत्तराखंड के जंगल, पढ़िये ये रिपोर्ट
इस वर्ष वन विभाग चैन की सांस ले रहा है.

इस फायर सीजन में मौसम और लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से वन विभाग (Forest Department) को बड़ी राहत मिली है. टिहरी जिले (Tehri District) में पिछले 4 सालों की अपेक्षा इस वर्ष वन में आग लगने की घटनाएं अभी तक जीरो के बराबर है.

  • Share this:
न्यू टिहरी (उत्तराखंड). इस फायर सीजन में मौसम और लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से वन विभाग (Forest Department) को बड़ी राहत मिली है. टिहरी जिले (Tehri District) में पिछले 4 सालों की अपेक्षा इस वर्ष वन में आग लगने की घटनाएं अभी तक जीरो के बराबर है. जबकि हर साल मई महीने में इस तरह की घटनाएं चरम पर होती थी. लेकिन अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है. जानकारी के लिये बता दें कि 15 फरवरी से 15 जून तक होने वाले फायर सीजन में हर वर्ष कई हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ जाते थे और वन विभाग को लाखों की वनसंपदा का नुकसान उठाना पड़ता था. लेकिन इस वर्ष वन विभाग चैन की सांस ले रहा है. माना जा रहा है कि मौसम में बदलाव के चलते बारिश और कोरोना संक्रमण के चलते हुआ लॉकडाउन इसका मुख्य कारण है.


लोग नहीं पहुंचे जंगल और हुई जमकर बारिश
बारिश के चलते जहां जंगल आग से बचे रहे वहीं लॉकडाउन के चलते मानवजनित आग की घटनाओं को भी रोकने में मदद मिली. हर साल मई महीने में वन में आग लगने की कई घटनाएं सामने आती हैं. पिछले वर्ष मई माह में ही 70 से अधिक इस तरह घटनाएं सामने आई थी. लेकिन अभी तक इस तरह की सिर्फ एक घटना सामने आई है. जो काफी छोटे स्तर की थी.




अलर्ट मोड पर हैं अधिकारी



डीएफओ कोको रोशे का कहना है कि बारिश के कारण इस बार पीरूल पका नहीं और अभी तक पेड़ों पर है और पीरूल से ही जंगलों में आग लगती है. यह पेट्रोल की तरह काम करता है और पूरे जंगल को तबाह कर देता है.उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पीरूल गिरा भी है उसे फायर सीजन की शुरूआत में ही एकत्र कर कंट्रोल बर्निंग के जरिए जला दिया गया था. ताकि जंगलों में आग की घटनाओं को रोका जा सके.

लॉकडाउन भी रहा है मानवजनित आग को रोकने का कारण
इस बार लॉकडाउन भी एक बहुत बड़ा कारण है जिससे मानवजनित आग की घटनाओं को रोकने में मदद मिली है और अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है. वहीं जानकारों और विशेषज्ञों का भी कहना है कि बारिश और लॉक डाउन से वनाग्नि की घटनाओं में रोकथाम में मदद मिली है और साथ ही लोग वनाग्नि को लेकर जागरूक भी हुए है.

आम लोगों में बढ़ी है जागरूकता
वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर और विशेषज्ञ डॉ प्रमोद उनियाल का कहना है कि मौसम और लॉकडाउन के साथ ही इसका मुख्य कारण लोगों में जागरूकता भी है. पहले शाम के समय जब लोग घास फूस जलाते थे. उससे आग के बढ़ने का सबसे अधिक खतरा होता था, अब लोग ऐसा नहीं कर रहे है. इससे इस तरह की घटनाओं को रोकने में बड़ी मदद मिली है.

 

ये भी पढ़ें: 

 कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के हाथियों को बचाने के लिए महावतों के बाहर निकलने पर रोक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए टिहरी गढ़वाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 23, 2020, 1:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading