टिहरी में पुनर्वास के लिए धरने पर ग्रामीण, जलसमाधि की चेतावनी

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टिहरी बांध की झील में अपना घर-परिवार खोने वाले 110 से ज़्यादा परिवारों ने पुनर्वास न किए जाने पर झील में जलसमाधि लेने की चेतावनी दी है.

टिहरी का तल्ला उप्पू गांव झील के पानी में जलमग्न तो हो गया लेकिन अब तक इसके 110 से ज़्यादा परिवारों का पुनर्वास नहीं हो पाया है..

अपने घर-खेत डूबने के बाद लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर या अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली. ज़्यादातर लोग वर्तमान में नई टिहरी, ऋषिकेश या देहरादून में किराए के कमरों में रह रहे हैं.

तल्ला उप्पू के लोगों के पुनर्वास की फ़ाइलें 2006 से चल रही हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. ग्रामीणों ने कई बार धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल कर अपनी मांगें रखीं लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ.
इन दिनों टिहरी झील का जलस्तर कम है जिसके चलते टिहरी झील में डूबा तल्ला उप्पू गांव दिखाई दे रहा है. अपने पुराने घरों को देखकर ग्रामीण भावुक हो गए हैं और विस्थापन का उनका दर्द बढ़ गया है.

बेघर हो चुके ग्रामीणों ने अब झील के किनारे एक पीपल के पेड़ के नीचे ही अपना आंदोलन शुरू कर दिया है.

अब टिहरी झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और धीरे-धीरे ग्रामीणों के आंदोलन स्थल की ओर बढ़ रहा है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनका पूर्ण पुनर्वास नहीं हो जाता है वो यहां से नहीं हटेंगे चाहे झील के पानी में ही उन्हें जल समाधि लेनी पड़े.
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