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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में लगी राज्य सरकार

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में लगी राज्य सरकार

प्रदेश में लड़खड़ाती स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों में तो तब भी लोगों को सुविधाए और इलाज मिल जाता है पर पहाड़ी क्षेत्रों का तो बुरा हाल है ना ही तो पहाड़ के अस्पतालों में समुचित स्वास्थ्य सेवायें ही हैं और ना ही पहाड़ पर डॉक्टरों की संख्या ही पूरी है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश में लड़खड़ाती स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों में तो तब भी लोगों को सुविधाए और इलाज मिल जाता है पर पहाड़ी क्षेत्रों का तो बुरा हाल है ना ही तो पहाड़ के अस्पतालों में समुचित स्वास्थ्य सेवायें ही हैं और ना ही पहाड़ पर डॉक्टरों की संख्या ही पूरी है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश में लड़खड़ाती स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों में तो तब भी लोगों को सुविधाए और इलाज मिल जाता है पर पहाड़ी क्षेत्रों का तो बुरा हाल है ना ही तो पहाड़ के अस्पतालों में समुचित स्वास्थ्य सेवायें ही हैं और ना ही पहाड़ पर डॉक्टरों की संख्या ही पूरी है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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प्रदेश में लड़खड़ाती स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों में तो तब भी लोगों को सुविधाए और इलाज मिल जाता है पर पहाड़ी क्षेत्रों का तो बुरा हाल है ना ही तो पहाड़ के अस्पतालों में समुचित स्वास्थ्य सेवायें ही हैं और ना ही पहाड़ पर डॉक्टरों की संख्या ही पूरी है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हमें जो 421 डॉक्टर्स मिले हैं, उन्हें बहुत जल्द प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में नियुक्त कर दिया जाएगा साथ ही हमने सिटी वर्ल्ड बैंक से 125 मिलियन डॉलर का एक पैकेज भी स्वीकृत कराया है, जिससे हम देश के बड़े-बड़े अस्पतालों से करार करेंगे।

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पूरी हो सकेगी और इतना ही नही लगभग आठ सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट को हम जल्द ही शुरू करने वाले हैं। वही, पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की समस्या पर स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि हमने ट्रांस्फर नीति में भी बदलाव किया है और अगर अब किसी भी डॉक्टर को प्रमोशन चाहिए तो उसे दो साल दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र में अपनी सेवायें देनी पड़ेंगी। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात डाक्टर जिनके परिवार विकासनगर,देहरादून या हल्द्वानी जैसे मैदानी क्षेत्रों में रहते हैं उनके परिवार के किराये का खर्च भी सरकार वहन करेगी।

अगर सब कुछ सही रहा तो वो समय अब दूर नही जब प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर हो सकेगी और प्रदेश के किसी भी व्यक्ति की इलाज के अभाव में मौत होगी।

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