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खत्म होने के कगार में श्यामलाताल का अस्तित्व

खत्म होने के कगार में श्यामलाताल का अस्तित्व

चंपावत जिले की एकमात्र झील श्यामलाताल आज अपने अस्तित्व को तलाश रही है. जहां शासन-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते झील का अस्तित्व खत्म होने के कगार में आ गया है, तो वहीं झील की बदहाली इस कदर है कि झील कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटन मैप में भी नहीं है. इसके चलते क्षेत्र में पर्यटन का क्षेत्र में कोई विकास नहीं हो पा रहा है. स्थानीय लोग कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुप्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो वहीं मामले में जिलाप्रशासन के अधिकारी झील के सौंदर्यकरण के लिए कोई भी योजना जिले के पास नहीं होने की बात कह रहे हैं.

चंपावत जिले की एकमात्र झील श्यामलाताल आज अपने अस्तित्व को तलाश रही है. जहां शासन-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते झील का अस्तित्व खत्म होने के कगार में आ गया है, तो वहीं झील की बदहाली इस कदर है कि झील कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटन मैप में भी नहीं है. इसके चलते क्षेत्र में पर्यटन का क्षेत्र में कोई विकास नहीं हो पा रहा है. स्थानीय लोग कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुप्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो वहीं मामले में जिलाप्रशासन के अधिकारी झील के सौंदर्यकरण के लिए कोई भी योजना जिले के पास नहीं होने की बात कह रहे हैं.

चंपावत जिले की एकमात्र झील श्यामलाताल आज अपने अस्तित्व को तलाश रही है. जहां शासन-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते झील का अस्तित्व खत्म होने के कगार में आ गया है, तो वहीं झील की बदहाली इस कदर है कि झील कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटन मैप में भी नहीं है. इसके चलते क्षेत्र में पर्यटन का क्षेत्र में कोई विकास नहीं हो पा रहा है. स्थानीय लोग कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुप्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो वहीं मामले में जिलाप्रशासन के अधिकारी झील के सौंदर्यकरण के लिए कोई भी योजना जिले के पास नहीं होने की बात कह रहे हैं.

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    चंपावत जिले की एकमात्र झील श्यामलाताल आज अपने अस्तित्व को तलाश रही है. जहां शासन-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते झील का अस्तित्व खत्म होने के कगार में आ गया है, तो वहीं झील की बदहाली इस कदर है कि झील कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटन मैप में भी नहीं है. इसके चलते क्षेत्र में पर्यटन का क्षेत्र में कोई विकास नहीं हो पा रहा है. स्थानीय लोग कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुप्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो वहीं मामले में जिलाप्रशासन के अधिकारी झील के सौंदर्यकरण के लिए कोई भी योजना जिले के पास नहीं होने की बात कह रहे हैं.

    उनका कहना है कि झील सौंदर्यकरण के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है, जिसपर कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से इस ओर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि मैदानी क्षेत्रों के नजदीक होने से श्यामलाताल झील के सौंदर्यकरण होने पर पर्यटन की अपार संभावनाए हैं, तो वहीं कुमाऊं मंडल विकास निगम के इस दिशा में प्रयास किए जाने जरूरी हैं.

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