Home /News /uttarakhand /

सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से दूषित हुआ वातावरण, इंसान व जानवर दोनों हो रहे बीमार

सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से दूषित हुआ वातावरण, इंसान व जानवर दोनों हो रहे बीमार

फैक्ट्रियों के प्रदूषण से इंसान के साथ जावनर भी हुए प्रभावित

फैक्ट्रियों के प्रदूषण से इंसान के साथ जावनर भी हुए प्रभावित

ऊधसिंहनगर के पंतनगर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी और दूषित हवा के कारण इस क्षेत्र से सटे गांवों में रहने वाले इंसानों के साथ-साथ जानवर भी कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं.

    ऊधसिंहनगर के पंतनगर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी और दूषित हवा के कारण इस क्षेत्र से सटे गांवों में रहने वाले इंसानों के साथ-साथ जानवर भी कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं. लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी न तो इस पर अंकुश लगा पा रहे हैं और न ही इस पूरे मामले पर कुछ बोलने को तैयार हैं. फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक पानी और जहरीली हवा के कारण यहां कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगी हैं. बता दें कि ऊधमसिंह नगर के सिडकुल क्षेत्र से सटे आधा दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग जल जनित रोगों की चपेट में आने लगे हैं.

    इसके अलावा फैक्ट्रियों की चिमनी से निकलने वाली राख और धूओं के कारण यहां के स्थानीय लोग अब कई प्रकार के चर्म रोगों की चपेट में आ रहे है. फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी और हवा के कराण यहां के स्थानीय लोगों को अब काली खांसी, डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हेपेटाइटिस ए, आखों में जलन, दमा और पेट से जुड़ी कई प्रकार की गंभीर बीमारियां होने लगी हैं.

    हालांकि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद पंतनगर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी प्लांट की स्थापना तो कर दी गई है, पर आज भी सिडकुल की दर्जनों फैक्ट्रियां सीईटीपी प्लांट से नहीं जुड़ पाई हैं. आज भी यहां के कई उद्योग लगातार दूषित पानी को नहरों और नालों में छोड़ रहे हैं. प्रदूषित पानी जहां एक तरफ भूमिगत जल को दूषित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नहरों और नालों में बहने वाले प्रदूषित पानी को पीने से मवेशियों की मौत भी हो जा रही है.

    टैक्स में कई प्रकार की छूट का लाभ लेकर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपयों का मुनाफा कमाने वाली पंतनगर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित इन फैक्ट्रियों में लोगों को अब रोजगार के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियां भी मुफ्त में मिल रही हैं. लेकिन इस पूरे मामले पर न तो सिडकुल क्षेत्रीय प्रबंधक और न ही फैक्ट्री प्रबंधक कुछ बोलने को तैयार है. अब देखना होगा कि लगातार नियम कानूनों और मानकों की अवहेलना करते हुए वातावरण को प्रदूषित कर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इन फैक्ट्रियों के खिलाफ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी क्या कार्रवाई करता है.

    ये भी पढ़ें - इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल का राज्यपाल ने किया शुभारम्भ, दून में जुटे साहित्यकार

    ये भी देखें - VIDEO: दून में महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए शुरू हुआ ऑपरेशन पिंक

    Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

     

    Tags: Uttarakhand news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर