उपखनिज लॉटों की ई-नीलामी में सेंधमारी, 26 बिडर्स का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड

ये सभी बिडर्स पूलिंग के जरिए सरकार को चूना लगा रहे थे. गुरूवार को 35 और खनन लॉटों के लिए ई-नीलामी होनी है. इस नीलामी में ये सभी 26 बिडर्स अब भाग नहीं ले पाएंगे.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: April 5, 2018, 7:45 AM IST
उपखनिज लॉटों की ई-नीलामी में सेंधमारी, 26 बिडर्स का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड
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Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: April 5, 2018, 7:45 AM IST
खनन माफिया ने एक बार फिर उपखनिज लॉटों की ई-नीलामी में सेंधमारी की कोशिश की है लेकिन अधिकारियों की सतर्कता के चलते समय रहते ये साजिश नाकाम कर दी गई. विभाग ने संबधित लॉटों की नीलामी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रदद कर साजिश में शामिल सभी 26 बिडर्स का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है. सभी 26 बिडर्स को नोटिस भेजकर उनके आईपी एड्रेस मांगने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ है. ये सभी बिडर्स पूलिंग के जरिए सरकार को चूना लगा रहे थे. गुरूवार को 35 और खनन लॉटों के लिए ई-नीलामी होनी है. इस नीलामी में ये सभी 26 बिडर्स अब भाग नहीं ले पाएंगे.

दरअसल यह पूरा मामला ऊधमसिंहनगर जिले का है. 17 मार्च को यूएस नगर के गुलडिया में 13 हैक्टेयर, मेराबाराना में पंद्रह हैक्टेयर और उकरौली में चालीस हैक्टेयर क्षेत्रफल के उपखनिज लॉटों के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई. जिसमें उकरौली के लिए 9 करोड़ 35 लाख, मेराबाराना के लिए 3 करोड़ 46 लाख और गुलडिया के लिए 3 करोड़ 67 लाख रुपए आधार मूल्य रखा गया था. इन तीनों बोलियों में 26 बोलीदाताओं ने भाग लिया, लेकिन ये सभी बोलीदाता आपस में मिल गए और पूलिंग के जरिए कम बोली लगाकर अधिकतम राशि को बढ़ने नहीं दिया.



अभी तक जो बोलियां आधार मूल्य के चार से दस गुना तक अधिक लग रही थी, इस मामले में वो बोली दो गुना भी ऊपर नहीं गई. इससे अधिकारियेां को आशंका हुई और बोली का परिणाम रोक दिया गया. विभाग ने पूरे मामले में गहनता से जांच बैठा दी है. उप निदेशक खनन जेडी प्रसाद को जांच अधिकारी बनाया गया. अग्रिम आदेशों तक सभी 26 बिडर्स के रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिए गए हैं. नीलामी पारदर्शी तरीके से हो इसके लिए विभाग पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखे हुए है.
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