अपना शहर चुनें

States

उत्तराखंड में मजबूरी का टापू... नाव से बाकी दुनिया से जुड़ते हैं चार गांवों के लोग

गदरपुर के हरिपुरा जलाशय के अंदर बसे कोपा बंसता, कोपा मुनस्यारी, नया प्लॉट और सेमलचौड़ गांव में रहने वाले लोगों को एक नाव बाहरी दुनिया से जोड़ती है.
गदरपुर के हरिपुरा जलाशय के अंदर बसे कोपा बंसता, कोपा मुनस्यारी, नया प्लॉट और सेमलचौड़ गांव में रहने वाले लोगों को एक नाव बाहरी दुनिया से जोड़ती है.

जलाशय के अंदर बसे इन चार गावों का कुछ हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में भी आता है इसलिए यहां रहने वाले लोगो को जलाशय के बाहर विस्थापित करने के लिए राजस्व और वन विभाग के साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार के दखल की आवश्यकता भी है.

  • Share this:
उत्तराखंड  के चार गांवों के करीब 2000 लोग टापू पर जी रहे हैं. गदरपुर में पड़ने वाले इन गांवों को निवासियों का बाकी दुनिया से संबंध एक नाव से जुड़ता है. स्कूल जाने वाले बच्चे हों या नौकरी, रोज़गार करने वाले बड़े... सभी के लिए जान जोखिम में डाल बारहों महीने नाव से यात्रा करना मजबूरी है. विडंबना यह है कि यह सभी गांव राज्य के पावरफुल माने जाने वाले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं.

गदरपुर के हरिपुरा जलाशय के अंदर बसे कोपा बंसता, कोपा मुनस्यारी, नया प्लॉट और सेमलचौड़ गांव में रहने वाले लोगों को एक नाव बाहरी दुनिया से जोड़ती है. साल के बारह महीने इन चार गांवों में रहने वाले स्थानीय ग्रामीण और स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल कर रोज़मर्रा के काम के साथ ही स्कूल जाने के लिए भी बस इस एक नाव पर निर्भर रहते हैं.

हरिपुरा जलाशय के अंदर बसे इन चार गांवों में बिजली,पानी की सुविधा के साथ-साथ दो प्राथमिक विद्यालय भी है पर गांव को शहर से जोड़ने के लिए मात्र इस नाव का ही सहारा है. और तो और ग्रामीण और स्कूली बच्चे इस नाव में जान जोखिम में डाल कर सफर करतो है क्योंकि इस नाव में लाइफ जैकेट की भी कोई व्यवस्था नहीं है.



यहां रहने वाले ज़्यादातर ग्रामीण पशुपालन के काम से जुड़े हुए हैं. और चूंकि जलाशय के अंदर बसे इन चार गावों का कुछ हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में भी आता है इसलिए यहां रहने वाले लोगो को जलाशय के बाहर विस्थापित करने के लिए राजस्व और वन विभाग के साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार के दखल की आवश्यकता भी है.
हरिपुरा जलाशय के अंदर बसे इन चार गांवों के लोगों का विस्थापन भले ही जटिल और एक लंबी प्रक्रिया है. लेकिन इनमें रहने वाले लोग कहते हैं कि कम से कम उनकी सुरक्षित आवाजाही और रोज़मर्रा की ज़रूरतों की व्यवस्था तो  विधायक और प्रदेश की शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे कर ही सकते हैं. आखिर वह भी इस राज्य के नागरिक हैं और उन्होंने भी उन्हें वोट दिया था.

VIDEO: गदरपुर में बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला- HC ने केंद्र, राज्य से मांगा जवाब

VIDEO: सड़क धंसने से झील में समाई माल रोड, यातायात ठप

VIDEO: पत्रकार के सवाल पर भड़के अरविंद पांडे, बताया कांग्रेस का एजेंट, प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर भागे 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज