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Politics of Uttarakhand: हरिद्वार में गैर भाजपाई के कसीदे पढ़े, फिर CM धामी ने खटीमा में गैर पहाड़ियों को साधा

Politics of Uttarakhand: हरिद्वार में गैर भाजपाई के कसीदे पढ़े, फिर CM धामी ने खटीमा में गैर पहाड़ियों को साधा

खटीमा में छठ पूजा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

खटीमा में छठ पूजा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

Uttarakhand Election : उत्तराखंड चुनाव से पहले दिवंगत नेता एनडी तिवारी चर्चित नेताओं में नंबर वन पर आते जा रहे हैं तो आखिरी यानी 70वीं विधानसभा खटीमा हॉट सीटों (Khatima Assembly Seat) में पहले नंबर पर आ गई है क्योंकि यहां के विधायक पुष्कर सिंह धामी राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. इस सीट पर वोटरों का गणित दिखने में सीधा भी है और समझने में कुछ लच्छेदार भी. पर्वतीय मतदाताओं (Voters) की संख्या यहां ज़्यादा है, लेकिन जनजातीय, पूरबी, सिख, मुस्लिम भी यहां असर रखते हैं. शुक्रवार को पिथौरागढ़ (Dhami in Pithoragarh) पहुंचे धामी ने एक दिन पहले इस सीट को कैसे साधा? एक रिपोर्ट.

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    कमलेश भट्ट/पुलकित शुक्ला
    खटीमा/हरिद्वार. उत्तराखंड में पहाड़ी आबादी की बहुलता है, लेकिन जो गैर पहाड़ी समुदाय यहां हैं, वो भी चुनाव में खासी भूमिका निभाते हैं. 2022 विधानसभा चुनाव से पहले खटीमा विधानसभा हॉट सीट बन चुकी है क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहीं से विधायक भी हैं. हालांकि इस बार वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, यह अभी तय नहीं है लेकिन यहां के वोटरों को साधने और रिझाने में धामी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. गुरुवार को खटीमा में धामी अपनी चुनावी रणनीति के तहत कुछ कार्यक्रमों में दिखे और इससे पहले वह ​हरिद्वार में अपने उन बयानों को लेकर चर्चा में रहे, जिनमें उन्होंने एक बार फिर दिवंगत नेता एनडी तिवारी की खूब तारीफ की.

    खटीमा में गैर पर्वतीय मतदाताओं की संख्या काफी है, इनमें पूर्वांचल समाज के मतदाताओं का बड़ा तबका अहम रोल निभाता है. छठ पूजा के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा करने के बाद जब धामी खटीमा पहुंचे, तो उन्होंने न केवल पूर्वांचल समाज के छठ महोत्सव में शिरकत की बल्कि पूर्वांचलियों के गढ़ माने जाने वाले बंडिया, नौसर, मेलाघाट, बाइसपुल सहित 7 क्षेत्रों में लोगों से सीधी मुलाकात भी की. इसके अलावा, धामी ने पूर्वांचल समाज के एक बड़े तबके को छठ पूजा के लिए 4 बीघा जमीन की घोषणा भी की. कुल मिलाकर धामी इस महत्वपूर्ण गैर पहाड़ी समुदाय को रिझा गए.

    कैसा रहा धामी के दौरे का असर?
    सितागंज में रह कर यूपी की सपा सरकार में मंत्री रहे पूर्वांचल के नेता ठाकुर प्रेम प्रकाश ने कहा कि धामी पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने 20,000 से ज्यादा पूर्वांचल समाज के लोगों का उत्तराखंड में मान बढ़ाया. गौरतलब है कि खटीमा में पर्वतीय लोगों के बाद गैर पर्वतीय यानी जनजातीय, पूर्वांचल, सिख, मुस्लिम, मतदाताओं की बड़ी संख्या है, जो यहां चुनाव में असर पैदा करती है. जानकार मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद धामी की यहां सक्रियता बढ़ने की एक वजह यही रही है. इधर, एक गैर भाजपाई को भी धामी एक खास रणनीति के तहत साध रहे हैं.

    मैंने एनडी तिवारी से बहुत सीखा : धामी
    दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी इन दिनों भाजपा सरकार के चहेते बने हुए हैं. राज्य सरकार ने हाल में तिवारी के नाम उत्तराखंड गौरव सम्मान घोषित किया, तो हरिद्वार पहुंचे धामी ने तिवारी की जमकर तारीफ की. सरकारी कार्यक्रम में मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि तिवारी की राजनीतिक विचारधारा भले ही अलग रही, लेकिन उन्होंने तिवारी से बहुत कुछ सीखा. धामी ने कहा कि विकास पुरुष रहे तिवारी को कांग्रेस ने हमेशा नज़रअंदाज़ किया लेकिन भाजपा उन्हें सम्मान देती है इसलिए पंतनगर में सिडकुल उनके नाम से घोषित किया गया.

    तिवारी पर खींचतान से कांग्रेस असहज
    दिवंगत कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी पर हो रही सियासी खींचतान से कांग्रेस के नेता असहज हैं. वे किसी भी हाल में एनडी तिवारी को छिनने नहीं देना चाहते, इसलिए पूर्व सीएम हरीश रावत राज्य सरकार की आलोचना कर कह चुके हैं कि उत्तराखंड गौरव सम्मान कांग्रेस सरकार के उत्तराखंड रत्न की ही नकल है. रावत ने साफ कहा कि एनडी तिवारी को कांग्रेस सरकार ने भी सम्मानित किया था. यही नहीं, रावत ने बुधवार को तिवारी के पैतृक गांव पदमपुरी जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की थी.

    Tags: Pushkar Singh Dhami, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand news, Uttarakhand politics

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