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अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद रेवेन्यू पुलिस को खत्म करने की उठी मांग, जानें CM के गृह जनपद का हाल

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद उत्तराखंड में रेवेन्यू पुलिस को खत्म कर करने की उठी मांग.

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद उत्तराखंड में रेवेन्यू पुलिस को खत्म कर करने की उठी मांग.

Udham Singh Nagar News: धमसिंहनगर में अपराध नियंत्रण और फरियादियों की सुनवाई के लिए 17 थाने हैं. लेकिन यहां पीड़ितों के ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद रेवेन्यू पुलिस को खत्म करने की मांग
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने भी रेवेन्यू पुलिस को खत्म करने को कहा

रिपोर्ट- चंदन

उधमसिंह नगर. ऋषिकेश में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद उत्तराखंड के गांवों का जिम्मा अब रेवेन्यु पुलिस (राजस्व पुलिस) की जगह रेगुलर पुलिस को देने की मांग तेज हो गई है. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने भी मुख्यमंत्री को रेवेन्यू पुलिस व्यवस्था को खत्म करने का पत्र लिखा है. गौरतलब है कि राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस के जितने साधन नहीं रहते. न ही उनके पास सबूत जुटाने की समुचित व्यवस्था होती है. सबूत एकत्रित करने के आधुनिक या वैज्ञानिक तरीके भी राजस्व पुलिस के पास नहीं हैं. यही वजह है कि ज्यादा पेचीदे मामले रेगुलर पुलिस को ही सौंप दिए जाते हैं.

हालांकि जिन मैदानी जिलों का पूरा जिम्मा रेगुलर पुलिस संभाले हुए है, वहां के हालात भी बहुत अच्छे नहीं है. मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने के बावजूद उधमसिंहनगर में पुलिस लगातार विवादों और आरोपों से घिरी रहती है. मुख्यमंत्री के गृह जनपद में पुलिसिया व्यवस्था को लेकर NEWS18 की टीम ने एक रिपोर्ट तैयार की है. आइए आपको बताते हैं कि मुख्यमंत्री का गृह जनपद होंने के बावजूद उधमसिंह नगर के अलग-अलग थानों की पुलिस कितनी बार विवादों में रही.

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विवादों में बनी रहती है पुलिस
आपको बता दें कि उधमसिंहनगर में अपराध नियंत्रण और फरियादियों की सुनवाई के लिए 17 थाने हैं. लेकिन यहां पीड़ितों के केस दर्ज करने के बजाय जांच के नाम पर चक्कर लगवाए जाते हैं. इसकी तस्दीक तीन महीने में कोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए 58 केस कर रहे है. इसमें से अकेले 23 केस जिला मुख्यालय के दो थानों रुद्रपुर और ट्रांजिट कैंप में दर्ज हुए हैं. आलम ये है कि दुष्कर्म पीड़िता को केस दर्ज कराने के लिए आईटीआई थाने में धरना देना पड़ा.

सामने आ चुके हैं ये मामले
आपको बता दें कि गदरपुर एसओ का महिला को तमाचा मारने का वीडियो वायरल हुआ तो महिला संबंधी मामले में एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड होना पड़ा. वहीं बाजपुर में पुलिस के सामने भीड़ द्वारा मां-बेटे की पिटाई करने का मामला सामने आ चुका है. पंतनगर थाने में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, अपने कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने वाले सिपाही पर हनक दिखाते हुए भी नजर आ चुके हैं. यही नहीं मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में सरिया चोरी के मामले में लापरवाही बरतकर पुलिस ने अपनी खूब किरकिरी कराई थी. लगातार विवादों से नाता रहने की वजह से पुलिस पर विपक्ष हमलावर है. पुलिस प्रशासन को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमल कर रहा है.

Tags: CM Pushkar Singh Dhami, Revenue Department, Udham Singh Nagar News, Uttarakhand news

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