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पढ़ें, आखिर क्यों उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने बांधी काली पट्टी

पढ़ें, आखिर क्यों उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने बांधी काली पट्टी

उत्तराखंड के पुलिस जवानों ने एरियर भुगतान मामले को लेकर काला फीता बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की.

उत्तराखंड के पुलिस जवानों ने एरियर भुगतान मामले को लेकर काला फीता बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की.

उत्तराखंड के पुलिस जवानों ने एरियर भुगतान मामले को लेकर काला फीता बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की.

    उत्तराखंड के पुलिस जवानों ने एरियर भुगतान मामले को लेकर काला फीता बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की.

    छह सालों से जवानों के एरियर भुगतान का मामला लंबित चल रहा है. टिहरी, हरिद्वार और अल्मोड़ा में जवानों ने काला फीता बांधकर अपना विरोध जताया है. डीजीपी बीएस सिद्वू ने पूरे मामले को काफी गंभीरता के साथ लेते हुए पुलिस मुख्यालय में आपातकालीन बैठक की, जिसमें जवानों की स्थिति के बारे में मंत्रणा हुई. इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीजी विजिलेंस, एडीजी प्रशासन, आईजी और डीआईजी के साथ कई अधिकारी मौजूद रहे.

    दरअसल, पुलिस का कहना है कि कुछ जवानों को इस बात की जानकारी ही नहीं दी गई है कि उनके एरियर के भुगतान का मामला हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है. पुलिस अधिकारी का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस एक अनुशासित पुलिस फोर्स है.

    डीजीपी का कहना है कि पुलिस जवानों के आहार भत्ता, वर्दी भत्ता, स्पेशल विंग में तैनाती पर अतिरिक्त वेतन भत्ता दिया जा रहा है एक बात जरूर है कि जवानों के एरियर का मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है ऐसे में कोई बिना कोर्ट के फैसले के कोई पहल नहीं की जा सकती है.

    एरियर भुगतान का क्या है मामला
    छठे वेतन कमीशन लागू होने के बाद जवानों के वेतन का फिक्सेशन 2012 में हु्आ, जबकि कमीशन की सिफारिश 2006 में लागू हुई. इस तरह से जवानों के बढ़े हुई वेतन की सिफारिश को लागू करने में करीब छह साल लगा लिए. जबकि दूसरे विभागों के कर्माचरियों के वेतन की सिफारिश को दो साल के भीतर लागू कर दिया गाय और जिन विभागों में एरियर का भुगतान नहीं हुआ वह अनशन पर चले गए.

    जब जवानों ने एरियर के भुगतान की मांग की तो सरकार ने हाथ खड़े कर दिए और जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है वैसे-वैसे एरियर के भुगतान की धनराशि भी बढ़ती जा रही है इस समय करीब 130 करोड़ रुपए का भुगतान होना है.

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