भाजपा के इन तीन नेताओं को कोश्यारी ने बताया त्रिशूल

भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति के पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का भाषण छाया रहा. भगत सिंह कोश्यारी ने अपने चुटीले अंदाज में कईं सवाल छोड़ दिये. राजनीतिक दिग्गजों को उनके भाषण के अर्थ समझने के लिए माथापच्ची करनी पड़ी. कोश्चारी ने भाजपा के तीन नेताओं को त्रिशूल की संज्ञा दे दी.

Yogesh Yogi | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 4, 2016, 12:07 PM IST
भाजपा के इन तीन नेताओं को कोश्यारी ने बताया त्रिशूल
BJP Leader Bhagat Singh Koshiyari : File Photo
Yogesh Yogi
Yogesh Yogi | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 4, 2016, 12:07 PM IST
भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति के पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का भाषण छाया रहा. भगत सिंह कोश्यारी ने अपने चुटीले अंदाज में कईं सवाल छोड़ दिये. राजनीतिक दिग्गजों को उनके भाषण के अर्थ समझने के लिए माथापच्ची करनी पड़ी. कोश्चारी ने भाजपा के तीन नेताओं को त्रिशूल की संज्ञा दे दी.

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति सोमवार से हरिद्वार जिले के रुड़की शहर में चल रही है. पहले दिन अन्य नेताओं के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का भी संबोधन हुआ. अपने खास अंदाज में कोश्यारी ने बोलना शुरू किया तो फिर बोलते ही चले गए. उन्होंनें केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और संगठन महामंत्री संजय कुमार को भोले शंकर के त्रिशूल की संज्ञा दी.

कोश्यारी ने कहा कि तीनों ब्रह्मा, विष्णु और महेश की तरह हैं. लिहाजा प्रदेश में भाजपा की जय है. भगतदा ने कहा कि हम पार्टी से हैं, पार्टी हमसे नहीं है. पदाधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि टिकट की महत्वाकांक्षा ठीक है, लेकिन स्वयं पर नियंत्रण भी जरूरी है.

संबोधन में जहां उनका दर्द जुबां पर आया वहीं उन्होंने पार्टी की बैठकों में गैरमौजूदगी को लेकर हो रही चर्चाओं पर भी खुलकर सफाई दी. भगतदा ने कहा कि पता नहीं मीडिया बार-बार उनसे यह सवाल क्यों पूछता है कि क्या पार्टी उनसे नाराज है. नाराज होकर हम पार्टी का नहीं अपना बिगाड़ते हैं. पार्टी नाराज है तो भी चलेगा लेकिन जनता नाराज हो गई तो किसी का नहीं चलेगा.
First published: October 4, 2016, 12:07 PM IST
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