उत्तरकाशी में फिर तारों में उलझा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हैलिकॉप्टर, नदी के पास एमरजेंसी लैंडिंग

Jagmohan Singh Chauhan | News18 Uttarakhand
Updated: August 23, 2019, 3:58 PM IST
उत्तरकाशी में फिर तारों में उलझा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हैलिकॉप्टर, नदी के पास एमरजेंसी लैंडिंग
उत्तरकाशी में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे एक हैलिकॉप्टर की एमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई है.

राहत की बात यह है कि पायलट और को-पायलट दोनों सुरक्षित हैं. उन्हें कुछ चोट लगी है.

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उत्तरकाशी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया है. यहां रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे एक हैलिकॉप्टर की एमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई है. टिकोची के पास नदी में हैलीकॉप्टर की एमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई. राहत की बात यह है कि पायलट और को-पायलट दोनों सुरक्षित हैं. उन्हें कुछ चोट लगी है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है. बता दें कि दे दिन पहले ही उत्तरकाशी में रेस्क्यू ऑपरेशन में एक हैलिकॉप्टर क्रैश हो गया था. उस दुर्घटना में पायलट, को-पायलट और हैंडलर की मौत हो गई थी.

फिर तार में फंसकर हुई दुर्घटना

बताया जा रहा है कि आज भी हैलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह तारों में फंसना ही बताया जा रहा है. इससे पहले बुधवार को भी सामान लाने-ले जाने के लिए लगाई गई ट्रॉली में फंसकर एक प्राइवेट कंपनी, हैरिटेज एविएशन, का हैलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस हादसे में पायलट, को-पायलट और हैंडलर की मौत हो गई थी.

आज के हादसे में बड़ी राहत यह रही कि पायलट हैलिकॉप्टर की एमरजेंसी लैंडिंग करवाने में सफल रहे. तस्वीर में साफ़ नज़र आ रहा है कि नदी किनारे पत्थरों पर हैलिकॉप्टर को लैंड किया गया है. पायलट और को-पायलट में से एक व्यक्ति घायल हो गया है लेकिन दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें ऊपर सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है.

राशन पहुंचाने जा रहा था हैलिकॉप्टर 

आर्यन कंपनी का यह हैलिकॉप्टर उत्तरकाशी के आराकोट से चीवां राशन पहुंचाने जा रहा था और यह इसका तीसरा राउंड था. एमरजेंसी लैंडिंग नदी किनारे हुई है जो सड़क से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर है. पायलट और को-पायलट को प्राथमिक उपचार के लिए आराकोट अस्पताल लाया जा रहा है.

आर्यन कंपनी का यह हैलिकॉप्टर उत्तरकाशी के आराकोट से चीवां राशन पहुंचाने जा रहा था और यह इसका तीसरा राउंड था. एमरजेंसी लैंडिंग नदी किनारे हुई है जो सड़क से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर है. पायलट और को-पायलट को प्राथमिक उपचार के लिए आराकोट अस्पताल लाया जा रहा है.
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तबाही की कहानी 

बता दें कि उत्तरकाशी में रविवार सुबह बादल फटने के बाद गदेरे उफ़ान पर आ गए थे और उन्होंने भारी तबाही मचाई थी. इस आपदा में 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं. इलाक़े के 52 गांव इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. चूंकि गदेरों के उफ़ान में आने के बाद रास्ते टूट गए थे और सड़कें धंस गई थीं इसलिए बचाव कार्यों के लिए हैलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था.

सेफ़ एयरस्पेस में ही उड़ने थे हैलिकॉप्टर्स

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में 10 हैलिपैड बनाए गए हैं और सेना के साथ मिलकर चार हैलिकॉप्टरों की व्यवस्था की गई थी. लेकिन बुधवार को हैलिकॉप्टर क्रैश हो जाने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हैलिकॉप्टर्स के बजाय पोर्टर्स का इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया गया था.

हैलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल सिर्फ़ पूरी तरफ़ सुरक्षित एयरस्पेस में ही किया जाना तय हुआ था लेकिन आज की दुर्घटना से साफ़ हो गया है कि ये ‘सेफ़ एयर स्पेस’ भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं.

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First published: August 23, 2019, 2:54 PM IST
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