उत्तरकाशी में फिर कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग
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उत्तरकाशी में फिर कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग
उत्तराकाशी जिले में भूकंप के झटके

उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस दौरान लोग अपने घरों से बाहर निकल गए.

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस दौरान लोग अपने घरों से बाहर निकल गए. शनिवार रात 9 बजकर 2 मिनट पर इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर स्केल पर 3.1 मैग्नीट्यूड मापी गई है. आपदा कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा गया है.

भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन लोग अब भी डरे हुए हैं. भटवाड़ी, असी गंगा घाटी और यमुना घाटी जैसे इलाकों में भूकंप के झटके ज्यादा महसूस किए गए. उत्तरकाशी में इस साल अब तक 5 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं. इससे पहले 4 मई को भी यहां भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.

1991 में हुई थी भयंकर तबाही-



उत्तराखंड का उत्तरकाशी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहा है. 20 अक्टूबर 1991 में उत्तरकाशी में आए भूकंप की तबाही लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं. उस साल आए भूकंप में 8 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, सैकड़ों परिवार बेघर हो गए थे.



भूकंप के लिहाज से संवेदनशील-

प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य है. खासकर उत्तरकाशी क्षेत्र में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं. इस साल उत्तरकाशी में 31 जनवरी को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 13 अप्रैल की रात भी भूकंप आया था. भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी था. पहाड़ में लगातार महसूस हो रहे भूकंप के झटके किसी बड़े खतरे के संकेत भी हो सकते हैं. बीती 25 अप्रैल को पिथौरागढ़ के धारचूला में भी हल्की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था, जबकि 21 अप्रैल को बागेश्वर में धरती कांप गई थी. भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ में था. भूकंप से हालांकि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है, फिर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

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