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VIDEO: यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नासूर बना एनएच 123 में भूस्खलन
Uttarkashi News in Hindi

News18 Uttarakhand
Updated: June 30, 2018, 7:48 PM IST

तीन दिनों से डबरकोट स्पोर्ट में लगातार चट्टानी मलवा और बोल्डर गिरने के चलते खुलने और बन्द होने का सिलसिला जारी रखे हुए है.

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राष्ट्रीय राजमार्ग 123 के डबरकोट का 400 मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा बरसात शुरू होते ही यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए नासूर बन गया है. तीन दिनों से यह स्पोर्ट लगातार चट्टानी मलवा और बोल्डर गिरने के चलते खुलने और बन्द होने का सिलसिला जारी रखे हुए है. अभी भी लगातार पहाड़ी से बोल्डर गिरने के चलते मार्ग में काम करना और चलना खतरे से खाली नहीं है.

पिछले यात्रा काल में डबरकोट बन्द के विकल्प में लोनिवि बड़कोट द्वारा ग्रामीणों के खेत से 58 लाख रुपये की लागत से अल्टरनेट मार्ग भी तैयार किया, लेकिन यह मार्ग भी आवाजाही के लिहाज से सुरक्षित नहीं है. एतिहातन अब प्रशासन द्वारा पुराने पैदल मार्ग का सहारा लेकर यात्रिओं को यमुनोत्री धाम की यात्रा कराई जा रही है.

इस में करीब ढाई किमी पैदल सफर कर त्रिखली- कुंसाला गांव से होकर स्यानाचट्टी पहुंचा जा रहा है. वर्तमान में एक सवारी वाहन भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के बीचों-बीच फसा हुआ है, जिसे निकलना प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है.

इसके साथ ही यमुनोत्री धाम की और स्याना चट्टी में 38 छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं, जबकि यात्रिओं की सहूलियत के लिए जगह-जगह एसडीआरएफ के 15 जवान और पीएसी की दो टुकड़ी समेत एसडीएम, तहसीलदार, थानाध्यक्ष, लोनिवि और जल संस्थान के साथ साथ हेल्थ केम्प लगाकर तैनात किया गया है.



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(बड़कोट से नीतिन की रिपोर्ट)

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First published: June 30, 2018, 7:47 PM IST
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