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उत्तराखंड में अपराध कर कहां गुम हो जाते हैं शातिर अपराधी!

उत्तराखंड में अपराध कर कहां गुम हो जाते हैं शातिर अपराधी!

उत्तराखंड प्रदेश में संगीन वारदातों को अंजाम देकर शातिर बदमाश गायब हो जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है.

उत्तराखंड प्रदेश में संगीन वारदातों को अंजाम देकर शातिर बदमाश गायब हो जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है.

उत्तराखंड प्रदेश में संगीन वारदातों को अंजाम देकर शातिर बदमाश गायब हो जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है.

    उत्तराखंड प्रदेश में संगीन वारदातों को अंजाम देकर शातिर बदमाश गायब हो जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है.

    एक तरफ संगीन वारदातों का सिलसिला जारी है. दूसरी तरफ पुलिस तमाम बड़े मामलों के खुलासा करने में नाकाम साबित हो रही है. ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लाजिमी है. लेकिन पुलिस अपराध बढ़ने के कई कारण बता रही है.

    दर्जनों ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश यूपी भाग जाते हैं. करीब आठ माह पहले राजधानी देहरादून के बहुचर्चित नकरौंदा में डकैती और हत्याकांड का मुख्य आरोपी असलम आज भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है. प्रॉपर्टी डीलर की हत्या भी यूपी में हुई थी. इसी तरह से कई ऐसे मामले हैं, जिसमें बदमाश वारदातों को अंजाम देकर यूपी भाग रहे हैं. उत्तराखंड पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रह जाती है.

    एडीजी अनिल रतूडी का कहना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है. कुख्यात बदमाशों की धरपकड़ करने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है.

    प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिले की सीमाएं यूपी के कई जिलों से लगती हैं. इसके अलावा नेपाल से भी प्रदेश की काफी लम्बी सीमा लगती हैं. अपराध को अंजाम देकर शातिर बदमाश यूपी और नेपाल भाग जाते हैं. प्रदेश के चारों बड़े जिलों में चोरी, लूट, डकैती और हत्या के दर्जनों मामले सामने आए हैं. जिनका खुलासा पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

    उत्तराखंड में दोहरी पुलिसिंग व्यवस्था लागू है. साठ फीसदी हिस्से में राजस्व पुलिस यानी पटवारी सिस्टम और 40 फीसदी हिस्से में सिविल पुलिस काम करती है. फिर भी पुलिस बदमाशों के सामने बौनी साबित हो रही है. फिलहाल ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अगर पुलिस इसी तरीके से काम करेगी तो बदमाशों पर शिकंजा कसना पुलिस के लिए मुश्किल हो सकता है.

    डीजीपी बीएस सिद्धू का कहना है कि संगीन मामलों के खुलाले से लिए एसओजी का गठन किया है. साथ में बड़े हाई प्रोफाइल मामलों की जांच एसआईटी से कराई जा रही है. साथ ही प्रोएक्टिव पुलिसिंग के सिस्टम को विकसित किया जा रहा है, ताकि बड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके और यूपी से शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया जा सके.

    Tags: Uttarakhand news, क्राइम

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