भूखे मजदूरों को 'जमाती' कहने वाले वॉट्सऐप ग्रुप एडमिन पर केस दर्ज, खाना न देने वाले 3 ठेकेदारों पर भी FIR
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भूखे मजदूरों को 'जमाती' कहने वाले वॉट्सऐप ग्रुप एडमिन पर केस दर्ज, खाना न देने वाले 3 ठेकेदारों पर भी FIR
उत्तरकाशी के थाना बड़कोट में अफ़वाह फैलाने वाले वॉट्सऐप एडमिन और 3 ठेकेदारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

रोड निर्माण में लगे 11 मजदूर राशन न मिलने से परेशान होकर जंगल के रास्ते स्यालना गांव पहुंचे तो सोशल मीडिया में फैली अफवाह. पुलिस ने जांच के बाद दर्ज किया केस.

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उत्तरकाशी. कोरोना वायरस (COVID-19) को लेकर मनगढ़ंत दावे और अफवाहें सोशल मीडिया में लगातार फैल रही हैं. पुलिस-प्रशासन आम लोगों से इन अफवाहों पर ध्यान न देने और न फैलाने की अपील भी कर रहा है. साथ ही चेतावनी भी दे रहा है कि अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की जाएगी. इसके मद्देनजर उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पुलिस ने एक WhatsApp ग्रुप में भूखे मजदूरों को 'जमाती' (तब्लीगी जमात से जुड़ा) लिखने वाले ग्रुप एडमिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने इस शख्स पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है. इसके अलावा मजदूरों को राशन उपलब्ध न करवाने पर 3 ठेकेदारों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है.

खाना न मिलने से परेशान थे मजदूर 

उत्तरकाशी के अस्सी गंगा क्षेत्र में रोड निर्माण में लगे सहारनपुर के 11 मजदूर राशन न मिलने की वजह से परेशान हो गए थे. भूख से बेचैन ये मजदूर गुरुवार देर शाम जंगल के रास्ते बड़कोट के स्यालना गांव पहुंच गए थे. सूचना मिलते ही पुलिस उनकी खोज में लग गई थी.



इसी बीच ग्रामीण क्षेत्र में अजनबियों को देख ग्रामीण दहशत में आ गए. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लगातार बाहरी लोगों पर नजर रखे हुए हैं. ऐसे में बाहर से आए इन मजदूरों को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया. एक वाट्सऐप ग्रुप में एडमिन ने इन मजदूरों को जमाती करार दे दिया. उधर, ग्रामीणों ने संदिग्धों को घेरकर पुलिस-प्रशासन को इसकी सूचना दे दी.
जांच के बाद एफआईआर दर्ज

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की. इसके बाद पुलिस ने मजदूरों को जमाती लिखने वाले वॉट्सऐप ग्रुप 'डोडीताल विकास सन्देश' के एडमिन दांगुण गांव निवासी मनवीर रावत पर अफवाह फैलाने को लेकर केस दर्ज किया. आरोपी के खिलाफ धारा 188, 151 और DM एक्ट 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. इसके अलावा 3 ठेकेदारों पर भी मजदूरों को भूखा रखने और उनको लॉकडाउन में मदद न करने पर धारा 188 और DM एक्ट 51 में केस दर्ज किया गया है.

 

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