जल संकट : HC बोला, जजों-मंत्रियों-विधायकों-अफसरों को न दें टैंकरों से पानी

हिमाचल की राजधानी में एक सप्ताह से जल संकट. (प्रतीकात्मक तस्वीर.)

हिमाचल की राजधानी में एक सप्ताह से जल संकट. (प्रतीकात्मक तस्वीर.)

हाईकोर्ट ने एक सप्ताह तक शिमला शहर में सभी तरह के निर्माण कार्यों और गाड़ियां धोने पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं. सप्ताह के बाद संबंधित समिति पाबंदी को बढ़ाने अथवा खत्म करने पर निर्णय लेगी.

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी में जारी जल संकट पर मचे हाहाकार को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए शिमला के वीआईपी क्षेत्रों सहित जजों, मंत्रियों, विधायकों, नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और वीवीआईपी इलाकों को टैंकरों से पानी देने पर रोक लगा दी है.

हालांकि, राज्यपाल और मुख्यमंत्री आवास और ऑफिस को टैंकरों से आपूर्ति की छूट है. मंगलवार को हुई सुनवाई में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया.

कोर्ट ने कहा कि सभी एक समान हैं, इसलिए उपरोक्त इलाकों में टैंकरों से सप्लाई बंद की जाए. साथ ही नगर निगम से रोजाना उपलब्ध पानी और लोगों को होने वाले पानी की रिपोर्ट मांगी है.



बुधवार को भी हाईकोर्ट इस पर सुनवाई करेगी. इस दौरान नगर निगम आयुक्त को भी कोर्ट में मौजूद रहने को कहा गया है. बता दें कि कोर्ट ने शिमला में जारी जल संकट पर सुमोटो भी लिया है.
चार कंट्रोल रूम बनाए

सुनवाई के दौरान कोर्ट को जानकारी दी गई कि शहर में 4 कंट्रोल रूम बनाए हए हैं. माल रॉड शिमला में 26580916, छोटा शिमला में 2623760, संजौली चौक में 2842131 और चौड़ा मैदान कंट्रोल रूम में 2813671 इस नंबर पर पानी संबंधी शिकायत और जानकारी ली जा सकती है. कोर्ट ने आशा जताई कि सभी लोगों को बराबर पानी मिल सकेगा.

हाईकोर्ट ने एक सप्ताह तक शिमला शहर में सभी तरह के निर्माण कार्यों और गाड़ियां धोने पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं. सप्ताह के बाद संबंधित समिति पाबंदी को बढ़ाने अथवा खत्म करने पर निर्णय लेगी.

आर्मी और एडवांस स्टडीज का पानी होगा डायवर्ट

कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह सेना के अनाडेल स्थित गोल्फ कोर्स को दिए जाने वाले पानी को निगम को डायवर्ट करने के लिए सैन्य अधिकारियों से बात करें. ऐसी ही बात इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज से भी करने को कहा है. बता दें कि क्योंकि इनके पास बहुत बड़े स्टोरेज टैंक हैं. इसलिए कोर्ट ने ऐसे आदेश दिए हैं.

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