जल संकट : आरोपों पर तिलमिलाए मंत्री सुरेश भारद्वाज, सवालों पर मीडिया को दी नसीहत

पार्षदों के साथ मीटिंग करते हुए मंत्री और स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज.

पार्षदों के साथ मीटिंग करते हुए मंत्री और स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज.

भारद्वाज ने कहा कि जितनी क्षमता है, उतना काम कर रहे हैं. आज पानी के संकट को लेकर अपना काम छोड़ यहां हूं. पानी की समस्या का सामधान कर रहा है. भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष भी उनके साथ खड़ा है.

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चल रहे जल संकट के एक सप्ताह बाद स्थानीय विधायक को शहर की याद आई. जहां शहर की मेयर चीन दौरे पर हैं, वहीं, विधायक भी कई दिन से ‘लापता’ थे.

सोमवार देर शाम विधायक सुरेश भरद्वाज ने नगर निगम पहुंच कर पार्षदों और अधिकारियों से बैठक की. शहर में पानी के संकट को दूर करने एक निर्देश जारी किए.

आखिर कितनी सजींदा है भाजपा इस जल संकट पर?

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री और शहर के विधायक की ओर से बुलाई गई पार्षदों मीटिंग में भाजपा के चार पार्षद नहीं पहुंचे. शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज पर विपक्ष पानी संकट को लेकर मौन धारण करने के आरोप लगा रहा है.
वहीं, जब सुरेश भारद्वाज से इसे लेकर सवाल किया गया तो मंत्री जी तिलमिला गए. पत्रकारों पर ही भड़ास निकालते नजर आए. शहर में पानी मुहैया करवाने के बजाय मंत्री पत्रकरों को ही क्या सवाल पूछने हैं, क्या नहीं? इसकी हिदायत देने लगे.



मेरा काम ब्यान देना नहीं : भारद्वाज

उन्होंने कहा कि मेरा काम ब्यान देना नहीं है. हमारा काम लोगों को पानी देना है. रात को एक बजे लोग फोन करते हैं और वो उनकी समस्या का समाधान कर रहे हैं.

भारद्वाज ने कहा कि जितनी क्षमता है, उतना काम कर रहे हैं. आज पानी के संकट को लेकर अपना काम छोड़ यहां हूं. पानी की समस्या का सामधान कर रहा है. भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष भी उनके साथ खड़ा है.

कांग्रेस पार्षदों ने भी विधायक का जल संकट को लेकर गंभीर न होने के आरोप लगाएं हैं. कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि शहर में इतने दिनों से जल संकट है और विधायक आज बैठक कर रहे है.

ना तो नगर निगम की मेयर पानी को लेकर गंभीर है और ना ही विधायक. ये बैठक पहले करनी चाहिए थी और अब पंद्रह दिन हो गए हैं, अब विधायक बैठकें कर रहे हैं.

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