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भारत विरोधी बयान देने पर छिन सकती है शाही इमाम बरकती की कुर्सी

भारत विरोधी बयान देने पर छिन सकती है शाही इमाम बरकती की कुर्सी

शाही इमाम मौलाना नूर-उर रहमान बुरकती

शाही इमाम मौलाना नूर-उर रहमान बुरकती

कोलकाता के टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सईद नूरूर रहमान बरकती के भारत विरोधी टिप्पणी देने के बाद उन्हें पद से हटाए जाने की संभावना है.

    कोलकाता के टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सईद नूरूर रहमान बरकती के भारत विरोधी टिप्पणी देने के बाद उन्हें पद से हटाए जाने की संभावना है.

    प्रिंस गुलाम मोहम्मद शाह वक्फ एस्टेट के को-ट्रस्टी मुहम्मद शाहिद आलम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हम बरकती के हाल के बयान की कड़ी आलोचना करते हैं. उनकी टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है. हमने उन्हें हटाने का निर्णय लिया है.'

    आलम ने कहा, 'हम जल्द ही टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम को नोटिस भेजकर उन्हें उनकी भारत विरोधी बयान के लिए हटाने की जानकारी देंगे.'

    उन्होंने साथ ही जोड़ा कि इमाम के समर्थकों ने ज़बरदस्ती ऑफिस की चाबियां अपने कब्ज़े में कर ली हैं और अब ऑफिस को खाली करने से मना कर रहे हैं.

    आलम ने जानकारी देते हुए कहा, 'हमने कोलकाता पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज़ कराई है.'

    इस पूरे घटनाक्रम के कुछ घंटों बाद बरकती ने प्रेस वार्ता कर कहा, 'मैं मीडिया की गलत प्रचार का शिकार बना हूं. कुछ राष्ट्रीय मीडिया ने मेरे बयान को तोड़-मड़ोर कर पेश किया जिसे ये पूरा विवाद शुरू हुआ.'

    इससे पहले बरकती ने अप्रैल 19 के निर्णय की अवमानना करते हुए अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने के लिए मना कर दिया था जिसके तहत 1 मई से सभी नॉन-आपातकाल वाहनों से लाल बत्ती हटाने को कहा गया था.

    उन्होंने चुनौती दी थी कि अगर कोई इस देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश करेगा तो वो इसके खिलाफ जिहाद छेड़ देंगे.

    12 मई को बरकती ने कहा था कि वो अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा देंगे अगर प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्री बिना सुरक्षागार्डों के रहने को तैयार होंगे.

    पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ तीन शिकायतें पुलिस थानों में दर्ज़ कराई गई हैं. दूसरे इमामों और मौलानाओं ने बरकती की दलील को मानने से मना करते हुए उनसे जल्द माफी मांगने की मांग की.

    बंगाल इमाम एसोसिएशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने भी बरकती के बयान की आलोचना की है. ट्रस्ट के चेयरमैन मोहम्मद याह्या ने कहा, 'हम पहले भारतीय हैं. कोलकाता के मुसलमान कभी भी किसी को हमारे देश की बेइज्ज़ती करने नहीं देंगे.'

    मुस्लिम विद्वान, इमाम और मौलानाओं के साथ आने से आगे बरकती की परेशानियां बढ़ सकती हैं.

    अगले साल होने जा रहे अहम पंचायत चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र बंगाल के वरिष्ठ मंत्रियों ने बरकती पर नकेल कसकर पार्टी की इमेज बचाने की कोशिश की है.

    हाल ही में राज्य मंत्री और जमियत उलेमा-ए-हिंद के सचिव सिद्दीक्वाला चौधरी ने बरकती की आलोचना करते हुए कहा, 'उन्हें पाकिस्तान में रहने दीजिए.'

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