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कोरोनावायरस से निपटने की नाकामी पर घिरे ईरानी राष्ट्रपति का पलटवार, आलोचनाओं को बताया 'सियासी जंग'

News18Hindi
Updated: March 30, 2020, 5:32 PM IST
कोरोनावायरस से निपटने की नाकामी पर घिरे ईरानी राष्ट्रपति का पलटवार, आलोचनाओं को बताया 'सियासी जंग'
अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान में कोरोना वायरस की वजह से हालात बदतर रो चुके हैं

कोरोना वायरस (Corona Virus) से ईरान (Iran) में रविवार के दिन 123 मौतें होने से आंकड़ा 2640 तक पहुंच गया है जबकि तकरीबन 40 हज़ार लोग संक्रमण का शिकार हो गए हैं

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  • Last Updated: March 30, 2020, 5:32 PM IST
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कोरोना वायरस (Corona Virus) के कहर से ईरान (Iran) बुरी तरह प्रभावित हुआ है. लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामले और मौत के बढ़ते आंकड़ों की वजह से ईरान में हालात बेकाब हो चले हैं.कोरोना महामारी से निपटने में नाकामी के आरोप और आलोचनाएं झेल रहे राष्ट्रपति हसन रूहानी (Hasan Ruhani) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए रूहानी ने कहा कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों (Sanctions) के बावजूद ईरान कोरोना वायरस की महामारी (Corona Virus outbreak) से मजबूती से लड़ रहा है.

ईरान में फिलहाल राहत दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रही है. रविवार को 24 घंटों में कोरोना वायरस से 123 मौतें होने से हाहाकार मच गया. अब तक ईरान में 2640 लोगों की मौत हो गई है जबकि कुल 38309 लोग संक्रमित पाए गए हैं. ऐसे में ईरानी सरकार लगातार आलोचनाओं के कठघरे में है जिस पर राष्ट्रपति हसन रूहानी ने पलटवार किया.रूहानी ने कहा कि ईरान में कोरोना वायरस को लेकर सरकार की अंतर्राष्ट्रीय आलोचना दरअसल सियासी जंग है.  रुहानी ने कहा कि महामारी से निपटने के दौरान  तमाम आर्थिक प्रतिबंधों से  प्रभावित अर्थव्यवस्थआ को दुरुस्त रखने की भी चुनौती है.

ईरान सरकार पर लगातार ये आरोप लग रहे हैं कि कोरोना वायरस की महामारी से प्रभावित हुए हालातों को वो लगातार छिपा रही है और दुनिया को उसकी सच्चाई का पता नहीं चलने दे रही है. कोरोना वायरस की महामारी शुरू होने के बाद से ही ईरानी सरकार पर झूठ बोलने के आरोप लगने शुरू हो गए थे. सरकार पर आरोप है कि वो लगातार संकट को कम करके बता रही है.



कैबिनेट बैठक में बोलते हुए रुहानी ने कहा कि सरकार को सामूहिक क्वारेंटाइन के प्रयासों का ईरान की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार करना होगा जो कि पहले से ही भारी अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित है. रुहानी ने कहा कि हमें इस वायरस के साथ रहने के लिए तब तक तैयार रहना होगा जब तक कि इसका इलाज या वैक्सीन ईजाद नहीं हो जाता है. एक सप्ताह पहले ही रुहानी ने उम्मीद जताई थी कि महामारी से निपटने में उठाए गए ऐहतियाती कड़े फैसलों में अप्रैल के पहले सप्ताह में कुछ ढील दी जा सकती है लेकिन रविवार को रुहानी ने चेताया कि बिगड़ते हालातों को देखते हुए जनता को अभी काफी समय तक ऐसे ही प्रतिबंधों में रहना होगा. हाल के दिनों में ईरान  में गैरजरूरी कारोबार और शहरों के दरम्यान यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.लेकिन ये कदम बहुत देर से उठाए गए जब कि दूसरे देशों में पहले ही लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई.



ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कोरोना वायरस की महामारी के दौरान ईऱान से प्रतिबंध नहीं हटाने के अमेरिकी फैसले की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि ईरान में महामारी के बीच अमेरिका, ईरानियों पर आर्थिक युद्ध छेड़ने के साथ ही मेडिकल टेरर तक चला गया है. हाल ही अमेरिकी ने कोरोना महामारी से जूझ रहे ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं जिसको लेकर ईरान ने अमेरका को कड़ी फटकार लगाई है.

मई 2018 से ही ईरान कड़े अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. अमेरिका के साथ परमाणु करार से हटन के बाद से ही अमेरिका ने ईरान को दुनिया को तेल  बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से प्रतिबंध हटाने की अपील की है. साथ ही इंटरनेशनल मोनेटरी फंड से 5 बिलियन डॉलर के कर्ज की गुज़ारिश की है.

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक ईरान में अब तक 40 हज़ार के लगभग लोग संक्रमण का शिकार हो गए हैं. वहीं अंदरूनी इलाकों से निकली खबर के मुताबिक ईरान में हेल्थ सिस्टम बुरी तरह धराशायी हो गया है. एक तरफ डॉक्टरों को लगातार घंटों तक बिना रुके बिना थके काम करना पड़ रहा है तो वहीं मास्क और जरूरी मेडिकल सामानों की किल्लत से ईरान जूझ रहा है.

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First published: March 30, 2020, 2:33 PM IST
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