यमन में 10 महीने से कैद थे 14 भारतीय, दुबई से मुंबई ​के लिए विमान से हुए रवाना

भारतीय नाविकों की रिहाई के बाद उन्हें दुबई से मुंबई विमान से रवाना किया गया.

भारतीय नाविकों की रिहाई के बाद उन्हें दुबई से मुंबई विमान से रवाना किया गया.

Indian Sailor Realese From Yemen: यमन में स्थानीय हूती बल (Huti Force) ने इसी साल 14 फरवरी को 14 नाविकों को पकड़ लिया था. जिबूती स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Jibuti) को निरंतर एवं कठिन प्रयासों के बाद के सना स्थित अपने कार्यालय के जरिए 28 नवंबर को भारतीयों को छुड़ाने में सफलता मिली.

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दुबई. यमन (Yemen) में 10 महीने से फंसे हुए भारतीय नाविक (Fourteen Indian Sailor) को शनिवार को दुबई से विमान से भारत (Dubai to India) रवाना हुए. ये भारतीय नाविक अदन की खाड़ी में जहाज डूबने के बाद 10 से अधिक महीने से यमन में फंसे हुए थे. जिबूती में भारतीय दूतावास ने एक बयान में बताया कि यमन में स्थानीय हूती बल ने इसी साल 14 फरवरी को 14 नाविकों को पकड़ लिया था. बयान में यह बताया गया कि भारतीय दूतावास, जिबूती को निरंतर एवं कठिन प्रयासों के बाद के सना स्थित अपने कार्यालय के जरिए 28 नवंबर को उन्हें छुड़ाने में सफलता मिली.

भारतीय नाविकों का पासपोर्ट खो गया था

दूतावास के अनुसार, फंसे हुए भारतीयों का पासपोर्ट अन्य दस्तावेज एवं उनका सामान खो गया था. उसने सभी समुद्री एवं अन्य प्राधिकारियों से भी अपील की कि वे उनकी स्थिति का संज्ञान लें और उनका सहयोग करें।

नाविकों की पहचान कर ली गई है
रिहा होने वाले भारतीय नाविकों की पहचान कर ली गई है. इनके नाम हैं- मोहनराज थानीगाचलम, विलियम निकमडेन, अहमद अब्दुल गफूर वाकणकर, फैरुज नसरुद्दीन जारी, संदीप बालू लोहार, नीलेश धनराज लोहार, हिरोन एसके, दाऊद महमूद जिवराक, चेतन हरि चंद्र गावस, तन्मय राजेंद्र माने, संजीव कुमार, मणिराज मरियप्पन, प्रवीण थम्माकरणताविदा और अब्दुल वहाब मुस्तबा के रूप में की गई है.दुबई में भारतीय दूतावास ने इन नाविकों के यहां पहुंचने की पुष्टि की.

दुबई से मुंबई पहुंचे भारतीय

खाड़ी महाराष्ट्र व्यापार मंच (जीएमबीएफ) के चंद्रशेखर भाटिया ने कहा कि भारतीय नागरिकों ने शनिवार रात को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से मुंबई के लिए उड़ान भरी. भाटिया ने जीएमबीएफ के वैश्विक अध्यक्ष सुनील मांजेरकर के हस्ताक्षर वाला पत्र भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने नाविकों की रिहाई सुनिश्चित करने वाली सरकार और अधिकारियों को धन्यवाद दिया.



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भाटिया ने एक अन्य नोट साझा किया, जिसमें नाविकों ने दावा किया है कि उन्हें पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने उनके ओमानी नियोक्ता और ओमान में भारतीय दूतावास से नाविकों के वेतन जारी किए जाने अपील की.
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