14 साल की लड़की ने अपने मां-पिता के तालिबानी हत्यारों को एक-47 से भूना

14 साल की लड़की ने अपने मां-पिता के तालिबानी हत्यारों को एक-47 से भूना
अफगानिस्तान में 14 साल की लड़की ने अपने मां-पिता के तालिबानी हत्यारों को एक-47 से भून डाला. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एक अफगान लड़की (Afgani Girl) ने उसके माता पिता की हत्या (Murdrer of Parents) करने वाले तालिबान के दो लड़ाकों (Two Talibani Warriors Killed) की गोली मारकर हत्या कर दी.

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काबुल. एक अफगान लड़की (Afgani Girl) ने उसके माता पिता की हत्या (Murdrer of  Parents) करने वाले तालिबान के दो लड़ाकों (Two Talibani Warriors Killed) की गोली मारकर हत्या कर दी. यह घटना अफ़ग़ानिस्तान के गोर प्रान्त में हुई जब कुछ तालिबानी लड़ाकों ने क़मर गुल नाम की इस लड़की के घर पर धावा बोला. इन लड़ाकों का मकसद क़मर गुल के पिता की हत्या करना था. गुल के पिता गाँव के प्रधान थे और वर्तमान अफ़गानी सरकार के समर्थक थे जिस बात से तालिबान चरमपंथी उनसे खफा थे और शायद सरकार का समर्थन करने के कारण उनकी हत्या करना चाहते थे.

लड़की ने एके-47 से तालिबानी हमलावरों को भूना

स्थानीय पुलिस प्रमुख हबीबुर्रहमान मालिकज़ादाने समाचार एजेंसियों को बताया कि तानिबानियों ने क़मर के पिता को घर से बाहर खींचा जिसका उसकी माँ ने विरोध किया. इसके बाद तालिबानियों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद गुल ने अपने घर में रखी एके-47 निकाली और घर के बाहर आकर अपने मातापिता के हत्यारों को गोलियों से भून दिया फिर और अन्य कई तालिबानियों को भी गोली मारकर घायल कर दिया.



घटना के बाद दोबारा हमला करने आए तालिबानी
अधिकारियों के अनुसार गुल की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच है. अफगानों के लिए लड़कियों की सही उम्र का पता न होना बहुत आम बात है. गुल के गोली चलाने के बाद कई तालिबान लड़ाके उसके घर हमला करने के लिए आए लेकिन कुछ ग्रामीणों और सरकार समर्थक नागरिकों ने गोलीबारी के बाद पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. अब प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद आरफ अबर ने बताया कि अफगान सुरक्षा बलों ने गुल और उसके छोटे भाई को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।

सोशल मीडिया पर गुल की वीरता की हो रही हैं तारीफें

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गुल की वीरता की प्रशंसा की जा रही है. गुल की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें वह हेडस्कार्फ़ पहने हुए है और उसकी गोद में मशीनगन पड़ी हुई है. नजीबा रहमी नाम की एक यूज़र ने फ़ेसबुक पर लिखा- "उसके साहस को सलाम. वहीं एक अन्य फेसबुक यूजर फाजिला अलीजादा ने लिखा -"पावर ऑफ ए अफगान गर्ल'. एक अन्य यूजर मोहम्मद सालेह ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में लिखा कि हमें पता है कि माता-पिता की जगह कोई और नहीं ले सकता पर तुम्हारा बदला तुम्हें थोड़ी शांति जरूर देगा.

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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार समर्थकों को सबक सिखाने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं. तालिबान नियमित रूप से उन ग्रामीणों को मारते हैं जिन पर उन्हें सरकार या सुरक्षा बलों के मुखबिर होने का संदेह होता है. हाल के महीनों में काबुल के साथ शांति वार्ता के लिए सहमत होने के बावजूद तालिबानी आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ा दिए हैं.
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