H-1B Visa Ban के खिलाफ कोर्ट पहुंचे 174 भारतीय, परिवारों से दूर करने का आरोप

H-1B Visa Ban के खिलाफ कोर्ट पहुंचे 174 भारतीय, परिवारों से दूर करने का आरोप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कोर्ट पहुंचे भारतीय नागरिक

बीते महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐलान कर एच-1बी वीजा (H-1B Visa Ban) पर प्रतिबंध लगा दिया था. अब अमेरिकी सरकार के इस आदेश के खिलाफ सात नाबालिगों समेत 174 भारतीय नागरिक कोर्ट पहुंच गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 16, 2020, 10:51 AM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिका में बीते महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐलान कर एच-1बी वीजा (H-1B Visa Ban) पर प्रतिबंध लगा दिया था. अब अमेरिकी सरकार के इस आदेश के खिलाफ सात नाबालिगों समेत 174 भारतीय नागरिक कोर्ट पहुंच गए हैं. इन सभी ने ट्रंप के फैसले को कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर कर कहा है कि ये फैसला उन्हें अपने परिवारों से दूर कर रहा है. उधर, ट्रंप ने बुधवार को एक नई घोषणा में कहा कि वे जल्द ही मेरिट आधारित इमिग्रेशन कानून पर साइन करने जा रहे हैं.

यह मुकदमा मंगलवार को अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट अदालत में दायर किया गया है. इन परिवारों ने आरोप लगाया है कि ट्रंप प्रशासन के इस आदेश के तहत उनके अमेरिका में आने पर रोक लग सकती है या फिर उन्हें वीजा जारी नहीं किया जाएगा. फ़िलहाल एच-1बी वीज़ा जारी करने पर 31 दिसंबर, 2020 तक रोक लगी हुई है, हालांकि ये और आगे भी बढ़ाई जा सकती है. डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने बुधवार को विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और होमलैंड सुरक्षा विभाग के कार्यकारी मंत्री चाड एफ वोल्फ के साथ श्रम मंत्री यूजीन स्कालिया को सम्मन जारी किए. मंगलवार को कई सांसदों ने भी स्कालिया से इस वर्क वीज़ा बैन को वापस लेने का आग्रह किया है.






अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान
भारतीय नागरिकों के वकील वास्डेन बैनियास ने कोर्ट से कहा, 'एच-1बी/एच-4 वीजा पर प्रतिबंध का शासकीय आदेश अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है, परिवारों को अलग करता है और कांग्रेस को खारिज करता है.' इस मुकदमे में एच-1बी या एच-4 वीजा जारी करने पर पाबंदी लगाने या नए एच-1बी वीजा धारकों को देश में प्रवेश करने से रोकने वाले शासकीय आदेश को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की गई है. साथ ही अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह विदेश विभाग को एच-1बी और एच-4 वीजा के लिए लंबित अनुरोधों पर फैसले देने के लिए निर्देश जारी करे. ट्रंप की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है, 'हमारे इमिग्रेशन सिस्टम में हमें अमेरिकी लेबर मार्केट में विदेशी कामगारों के चलते पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करना होगा.

नया इमिग्रेशन कानून ला रहे हैं ट्रंप
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह जल्द ही एक मेरिट आधारित नए आव्रजन कानून (Merit based Immigration Law) पर हस्ताक्षर करेंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में 'रोज़ गार्डन' में कहा, 'हम एक आव्रजन कानून पर जल्द हस्ताक्षर करने वाले हैं. यह योग्यता (मेरिट) आधारित होगा, यह काफी सशक्त होगा.' ट्रंप कहा, 'हम डीएसीए (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) पर काम करने वाले हैं क्योंकि हम लोगों को खुश करना चाहते हैं और मैं आपको बताना चाहूंगा कि यहां तक कि रूढ़िवादी रिपब्लिकन भी डीएसीए के साथ कुछ होते देखना चाहते हैं.'

ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट के पास डीएसीए के साथ कुछ करने का तीन साल का समय था लेकिन उसने हमेशा निराश किया. राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'उन्होंने हमेशा निराश किया. उन्होंने इसका राजनीतिक इस्तेमाल किया. मैं इसका इस्तेमाल कुछ करने के लिए कर रहा हूं... हम एक बेहद शक्तिशाली आव्रजन कानून पर हस्ताक्षर करेंगे. वह बेहतरीन होगा, वह योग्यता पर आधारित होगा. देश जिसे 25-30 साल से पाने की कोशिश कर रहा है.' वहीं ट्रंप नवम्बर चुनाव में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखे.
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