ईरान में तड़पा-तड़पा के मारे जाएंगे अवैध संबंधों के 'दोषी'

संगसार करने की सजा के तहत दोषी पुरूष को कमर तक और महिलाओं को गले तक जमीन में गड्ढा करके डाल दिया जाता है और फिर लोग उन पर पत्थर फेंकते है जिससे उनकी मौत हो जाती है।

वार्ता
Updated: June 4, 2013, 1:24 PM IST
ईरान में तड़पा-तड़पा के मारे जाएंगे अवैध संबंधों के 'दोषी'
संगसार करने की सजा के तहत दोषी पुरूष को कमर तक और महिलाओं को गले तक जमीन में गड्ढा करके डाल दिया जाता है और फिर लोग उन पर पत्थर फेंकते है जिससे उनकी मौत हो जाती है।
वार्ता
Updated: June 4, 2013, 1:24 PM IST
तेहरान। ईरान मे अवैध संबंधों की दोषी महिलाओं को संगसार करने की सजा को एक बार फिर कानूनी दर्जा देने की तैयारी चल रही है और इसका मुख्य समर्थक है ईरान का शूरा परिषद। शूरा परिषद के 12 सदस्य मानवता को शर्मसार करने वाली इस सजा के पक्ष में हैं।

संगसार करने की सजा के तहत दोषी पुरूष को कमर तक और महिलाओं को गले तक जमीन में गड्ढा करके डाल दिया जाता है और फिर लोग उन पर पत्थर फेंकते है जिससे उनकी मौत हो जाती है। संगसार करने के लिए एक खास आकार के पत्थर का ही इस्तेमाल किया जाता है जो इतने बड़े भी ना हो कि दोषी एक या दो वार से मर जाए और इतने छोटे भी ना हो कि उन्हें पत्थर न कहा जा सके।

विश्वमंच पर संगसार किए जाने की सजा पर उठे बबाल के बाद ईरान ने 2002 में यह घोषणा की थी कि अब वह लोगों को यह सजा नहीं देता लेकिन उसके बाद भी वहां संगसार करने की प्रथा उसी तरह जारी रही लेकिन आधिकारिक रूप से इसके अस्तित्व से इनकार किए जाने के कारण इन घटनाओं में से अधिकतर के बारे में कोई शिकायत ही दर्ज नहीं की गई।

अब एक मानवाधिकार संगठन ने यह खुलासा किया है कि ईरान एक बार फिर इस रोंगटे खड़े करने वाली सजा को कानूनी दर्जा देकर पूरी तरह अपनाने की तैयारी कर रहा है। सीएनएन ने मानवाधिकार संगठन के हवाले से बताया कि अभी ईरानी प्रशासन ने अवैध संबंधों के आरोप में कम से कम 10 महिलाओं को बंदी बना रखा है और अगर संगसार करने की सजा को मान्यता दी जाती है तो इन महिलाओं को यही सजा दी जाएगी।

ईरान की यह प्रथा 2008 में सुर्खियों में रही थी जब एक हॉलीवुड फिल्म स्टोनिंग ऑफ सोरैया में एक बेगुनाह महिला पर उसका व्यभिचारी पति चरित्रहीन होने का आरोप लगाता है जिसकी वजह से उसे संगसार करने की सजा दी जाती है। इस फिल्म के बाद मानवाधिकार संगठन और कई स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर काफी कुछ लिखा लेकिन ईरानी अधिकारियों का इस का कोई असर नहीं पड़ा।

बीते नवंबर में शूरा परिषद ने कथित रूप से संगसार की सजा पाने वाली चार महिलाओं के शवों को दूसरी जगह ले जाने का आदेश दिया। दरअसल इन महिलाओं के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे जो पत्थर के कारण बने थे।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 1979 से अब तक कुल 77 लोगों को संगसार करने की सजा दी गई है। ईरान में 2009 में संगसार किए जाने की अंतिम रिपोर्ट आई थी।
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First published: June 4, 2013, 1:24 PM IST
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