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19 साल की उम्र में हुए 18 ऑपरेशन, C और S शेप में थी रीढ़ की हड्डी, अब लड़का खेलता है गोल्फ

19 साल की उम्र में हुए 18 ऑपरेशन, C और S शेप में थी रीढ़ की हड्डी, अब लड़का खेलता है गोल्फ

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

पांच साल की उम्र से लेकर आधी से ज्यादा टीन एज में खतरनाक दर्द झेलने के बाद जॉन की 13 घंटे लंबी सर्जरी चली. इस दौरान डॉक्टरों ने जॉन की रीढ़ को धीरे-धीरे सीधा किया.

    12 साल की उम्र तक जॉन की 18 सर्जरी हो चुकी है. पांच साल की उम्र में जब बीमारी पता तो परिजनों के होश उड़ गए लेकिन कहा गया है कि जाको राखे साईयां, मार सके न कोय. मामला अमेरिका का है. यहां 19 वर्षीय जॉन की रीढ़ C और S शेप में थी. जिसके चलते उसे चलने फिरने, सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी. इतना ही नहीं अगर इसका इलाज नहीं होता तो जॉन की मौत भी हो सकती थी. जॉन जब पांच साल का था उस वक्त की रीढ़ का शेप C और S था.

    पांच साल की उम्र में जॉन का पहला ऑपरेशन हुआ. इसके बाद 17 और ऑपरेशन हुए. हाालत उस वक्त और ज्यादा खराब हो गए जब उसकी पीठ के कारण उसके अंदरूनी अंगों को भी खतरा था, जिसके चलते उसकी मौत भी हो सकती थी.

    पांच साल की उम्र से लेकर आधी से ज्यादा टीन एज में खतरनाक दर्द झेलने के बाद जॉन की 13 घंटे लंबी सर्जरी चली. इस दौरान डॉक्टरों ने जॉन की रीढ़ को धीरे-धीरे सीधा किया.

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    जॉन को हर 6 महीने पर उसकी रीढ़ की जांच करानी होती थी. ऑपरेशन के बीच के समय में उसे प्लास्टिक की एक स्पेशल ब्रेस पहननी होती थी ताकि उसका शरीर एक जगह पर टिका रह सके.

    जॉन को दो तरह की स्पाइनल दिक्कतें थी, स्कोलियोसिस और कीफोसिस. स्कोलियोसिस में रीढ़ C शेप में बनती जाती है. वहीं कीफोसिस युवा लोगों को कम होता है लेकिन वृद्धों में यह आम बात होती है. जॉन के मामले में दोनों, स्कोलियोसिस और कीफोसिस शामिल थे.

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    जॉन की मां ने बताया इस बीमारी के चलते जॉन का ऑक्सीजन लेवल की काफी कम था. उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्होंने फैमिली डॉक्टर को बुलाया तो डॉक्टर ने कहा कि तुरंत किसी स्पेशलिस्ट को दिखाया जाए. जॉन की मां ने कहा कि मुख्यतया वह मौत के मुंह में जा रहा था.

    जॉन का इलाज कर रहे डॉक्टर लेंके ने बताया कि अगर उसके परिजन कुछ और हफ्ते अस्पताल न आते तो वह जिन्दा नहीं रहता.

    8 दिसंबर 2016 को जॉन की आखिरी सर्जरी शुरू हुई. करीब 13 घंटे के ऑपरेशन के बाद जॉन के स्पाइन का शेप पूरी तरह से सही हो गया और शरीर में रक्त प्रवाह और सभी नसें ठीक ढ़ंग से काम कर रही थीं. इतना ही नहीं ऑपरेशन के तीन दिन बाद जॉन अपने कदमों पर खड़ा हुआ और चलने लगा.

    जॉन के ऑपरेशन को दो साल हो चुके हैं. अब वह बाइक चलाता है, गोल्फ और बॉस्केटबॉल खेलता है. जॉन ने कहा कि मैं जब खुद को शीशे में देखता हूं कि सच में यह मैं ही हूं. खुद को इस तरह खड़ा देख कर मैं बहुत ही खुश हूं.

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    Tags: America, Health News, Trending news

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