ब्रिटेन में 203 हेल्थ वर्कर्स की मौत, मेडिकल स्टाफ के मानसिक हालात बिगड़ने का खतरा

ब्रिटेन में 203 हेल्थ वर्कर्स की मौत, मेडिकल स्टाफ के मानसिक हालात बिगड़ने का खतरा
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के चलते 203 हेल्थ वर्कर्स की मौत हुई है.

ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से 203 मेडिकल स्टाफ की मौत हुई है.

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लंदन: ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से 203 हेल्थ वर्कर्स (health wokers) की मौत हुई है. इसमें डॉक्टर, नर्स और दूसरे मेडिकल स्टाफ शामिल हैं. साथ ही इन 203 मौतों में केयर होम्स में देखभाल करने वाले वर्कर्स भी शामिल हैं. ब्रिटेन में एक एक्सपर्ट ने बताया है कि मेडिकल वर्कर्स का बुरा हाल है. जो बच गए हैं उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने का खतरा भी है.

द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में डॉक्टर्स एसोसिएशन के डॉ रिनेश परमार ने बताया है कि हेल्थ वर्कर्स ने जो देखा है उसका असर दिनों, महीनों और वर्षों बाद तक देखा जा सकता है.

ब्रिटेन में हेल्थ वर्कर्स में सबसे नई मौत नॉर्थन्ट्स की एक नर्स की हुई है. नर्स की बॉस ने कहा है कि वो बेहतरीन हेल्थ वर्कर थीं. उसने सबसे गंभीर मरीजों की सेवा की.



लंदन में ग्रैन राचेल मकोम्बे नाम की 67 साल की एक नर्स भी मारी गई हैं. वो दो साल पहले रिटायर हो चुकीं थीं. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद फिर से ड्यूटी पर वापस लौटीं थीं. लंदन के एक नर्सिंग होम में उनकी मौत हो गई.
ब्रिटेन में कैंसर के मशहूर डॉक्टर तारिक शैफी की भी कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मौत हुई है. 61 साल के डॉ तारिक शैफी को हेल्थ को लेकर कोई दूसरी समस्या नहीं थी.

उनकी पत्नी वरदा ने बताया है कि वो वायरस संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद घर में ही आइसोलेट हो गए थे. संक्रमण के बावजूद वो टेलीफोन पर मरीजों को सलाह दे रहे थे.

इस बीच ब्रिटेन में लॉकडाउन के नियमों में छूट देने पर आज फैसला होना है. इस बारे में आज ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ऐलान कर सकते हैं. हालांकि ऐलान से ठीक पहले एक सर्वे में करीब 90 फीसदी लोगों ने कहा है कि लॉकडाउन में अभी छूट नहीं दिया जाना चाहिए. ज्यादातर लोग संक्रमण के डर से फिलहाल घरों में ही रहना चाहते हैं.

सर्वे में 50 में से सिर्फ एक व्यक्ति ने लॉकडाउन के ज्यादा लंबा खिंचने की बात कही है. यहां तक की धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाली को भी कम ही लोगों ने सपोर्ट किया है. सिर्फ 4 फीसदी लोगों ने ही इस हफ्ते से प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट का समर्थन किया है.

10 में से 6 लोगों ने कहा है कि चूंकि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन खुद कोरोना वायरस से संक्रमित रहे हैं, इसलिए वो इस बारे में बेहतर फैसला ले सकते हैं. करीब दो तिहाई लोगों ने कहा है कि प्रतिबंधों में तुरंत छूट को लेकर प्रधानमंत्री सावधानी से फैसला लेंगे.

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