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फ्रांस ने दी रूस पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी

फ्रांस के विदेश मंत्री लौरेंट फैबियस ने रूस को यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान का प्रयास विफल रहने पर तुरंत ही यूरोपीय प्रतिबंध आयद करने की चेतावनी दी।

फ्रांस के विदेश मंत्री लौरेंट फैबियस ने रूस को यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान का प्रयास विफल रहने पर तुरंत ही यूरोपीय प्रतिबंध आयद करने की चेतावनी दी।

फ्रांस के विदेश मंत्री लौरेंट फैबियस ने रूस को यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान का प्रयास विफल रहने पर तुरंत ही यूरोपीय प्रतिबंध आयद करने की चेतावनी दी।

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    पेरिस। फ्रांस के विदेश मंत्री लौरेंट फैबियस ने रूस को यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान का प्रयास विफल रहने पर तुरंत ही यूरोपीय प्रतिबंध आयद करने की चेतावनी दी। यहां तक कि रूस के एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि ने पश्चिम के शीर्ष नेताओं से मास्को को प्रतिबंध का डर दिखाना बंद करने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक समाचार चैनल बीएफएमटीवी से बात करते हुए फैबियस ने कहा कि यूरोपीय नेता गुरुवार को यूक्रेन पर आपात बैठक के दौरान मास्को पर प्रतिबंध लगा सकते हैं।

    इसके तहत वीजा पर सख्ती, व्यक्तिगत संपत्तियों और रूस के साथ आर्थिक समझौतों पर चल रही चर्चा रोकी जा सकती है। फ्रांस के मंत्री ने कहा कि बातचीत का रास्ता खुल जाने दीजिए, लेकिन कल ही इयू शिखर वार्ता होगी और स्थिति सामान्य नहीं होने पर प्रतिबंध पर कल मतदान भी किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मैं उम्मीद करता हूं और आशा है कि रूस आज हमें कहेगा कि सही गुट के साथ बातचीत की संभावना है।

    इस बीच रूसी संसद के ऊपरी सदन फेडरेशन काउंसिल की चेयरपर्सन वेलेंटिना मैटविएन्को ने पश्चिम से मास्को के खिलाफ प्रतिबंध आयद करने की धमकी देना बंद करने का आग्रह किया है क्योंकि संभावित बहिष्कार द्विपक्षीय रूप से नुकसानदेह होगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मैटविएन्को ने कहा है कि रूस के प्रति धमकी और प्रतिबंध की भाषा पूरी तरह नुकसानदेह है। यह समझ से परे है कि किस तरह से प्रतिबंध रूस को वैश्विक आर्थिक प्रक्रिया से अलग-थलग कर देगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ गहरे तौर पर जुड़ी है और रूस एवं पश्चिम के बीच होने वाले व्यापार से दोनों पक्षों को लाभ है। रूस का 40 प्रतिशत आयात यूरोपीय संघ (इयू) से होता है और इसका 50 प्रतिशत निर्यात इयू को जाता है। मैटविएन्को ने कहा कि यह बात कल्पना से परे है कि किस तरह व्यापार का यह प्रवाह रोका जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि कोई भी जिम्मेवार राजनेता को रूसी और यूक्रेनी अर्थव्यवस्थाओं की एक दूसरे से आवद्धता को समझना चाहिए और इसलिए मास्को को यूक्रेन के मामले से पृथक नहीं किया जा सकता है। इसी से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में मास्को ने यूरोप की संसदीय असेंबली परिषद(पीएसीई)को यह व्यवस्था देने के लिए कहा है कि यूक्रेन की संसद द्वारा लिए गए फैसले वैधानिक होंगे या नहीं।

    संसद के निचले सदन रूसी स्टेट ड्यूमा के स्पीकर सर्गेई नारयश्किन ने ड्यूमा कार्य समूह की बैठक के दौरान कहा कि हमने वेनिस आयोग को पीएसीई की न्यायिक समिति के माध्यम से एक आग्रह भेजा है। वेनिस आयोग को कानून के जरिए लोकतंत्र के लिए यूरोपीय आयोग के नाम से भी जाना जाता है। इसका गठन 1990 में किया गया था। इस संगठन का प्राथमिक कार्य विभिन्न देशों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज सुधारने और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिहाज से संवैधानिक मामलों में परामर्श देना है।

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