म्यांमार: केरन प्रांत में सशस्त्र समूह पर सेना के हवाई हमले, 3,000 लोग न्यूजीलैंड भागे

म्‍यांमार में सेना के तख्‍तापलट के विरोध में लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

म्‍यांमार में सेना के तख्‍तापलट के विरोध में लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

म्यांमार के दक्षिणपूर्वी करेन राज्य में एक जातीय सशस्त्र कार्यकर्ता समूह और स्थानीय मीडिया द्वारा रखे गए क्षेत्र पर रविवार को स्थानीय सेना ने हवाई हमले किए. क्षेत्र में इस तरह का हवाई हमला होने के बाद वहां रहने वाले लगभग 3,000 ग्रामीण परिवार समेत न्यूजीलैंड भाग गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 7:59 PM IST
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यंगून. म्‍यांमार (Myanmar) में एक फरवरी को तख्‍तापलट के बाद सेना ने लोकतंत्र समर्थकों के खिलाफ जमकर तांडव मचाया है. म्यांमार के नागरिक दूसरे देशों में शरण लेने के लिए मजबूर हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, म्यांमार के दक्षिणपूर्वी करेन राज्य में एक जातीय सशस्त्र समूह कार्यकर्ता समूह और स्थानीय मीडिया द्वारा रखे गए क्षेत्र पर रविवार को स्थानीय सेना द्वारा हवाई हमले किए गए. क्षेत्र में इस तरह का हवाई हमला होने के बाद वहां रहने वाले लगभग 3,000 ग्रामीण परिवार समेत न्यूजीलैंड भाग गए हैं.

बता दें कि इससे पहले म्यांमार में एक खूनी हिंसा हुई थी. इस खूनी हिंसा में 300 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई थी. स्‍थानीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि करीब 90 फीसदी लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. सैन्‍य प्रवक्‍ता ने खुद भी स्‍वीकार किया है कि मंगलवार तक 164 प्रदर्शनकारी और नौ सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे भी
शनिवार पिछले महीने हुए तख्तापलट के बाद सबसे अधिक रक्तपात वाला दिन रहा. ऑनलाइन समाचार वेबसाइट ‘म्यांमा नाउ’ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शनिवार को सेना की कार्रवाई में 114 लोग मारे गए. मृतकों में कई लोगों की आयु 16 साल से कम थी. इससे पहले 14 मार्च को सेना की कार्रवाई में 74 से 90 लोगों की मौत हुई थी.
म्यांमार में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत


तख्तापलट के बाद से 420 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. करीब पांच दशक के सैन्य शासन के बाद लोकतांत्रिक की दिशा में हुई प्रगति पर इस सैन्य तख्तापलट ने विपरीत असर डाला है. प्रदर्शनकारियों पर यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब म्यांमा की सेना ने देश की राजधानी नेपीता में परेड के साथ वार्षिक सशस्त्र बल दिवस का अवकाश मनाया.

बता दें, आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को एक फरवरी को तख्तापलट के जरिये हटाने के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों से निपटने के लिए म्यांमार की सेना ताकत का इस्तेमाल कर रही है और ऐसे में म्यांमा में मरने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
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