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कृषि बिल को लेकर 36 ब्रिटिश सांसदों ने UN सचिव को खत लिखा, कहा- भारत पर दबाव बनाएं

नया कृषि बिल को दिल्ली बॉर्डर पर पंजाब किसानों का प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा है. फोटोः AP
नया कृषि बिल को दिल्ली बॉर्डर पर पंजाब किसानों का प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा है. फोटोः AP

India's New Agriculture Law: भारत में किसान बिल (New Agriculture Law) को लेकर राजधानी दिल्ली और देश में जारी किसान आंदोलन (Punjab Farmer's Agitation) की धमक ब्रिटेन की संसद में भी सुनाई दी. ब्रिटेन के करीब तीन दर्जन सांसदों ने राष्ट्रमंडल के सचिव डोमिनिक राब को खत लिखकर भारत सरकार पर दबाव बनाने को कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 4:43 PM IST
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लंदन. भारत में किसान बिल (New Agriculture Law) को लेकर राजधानी दिल्ली और देश में जारी किसान आंदोलन (Punjab Farmer's Agitation) की धमक ब्रिटेन की संसद में भी सुनाई दी. ब्रिटेन के करीब तीन दर्जन सांसदों ने राष्ट्रमंडल के सचिव डोमिनिक राब को खत लिखकर भारत सरकार पर दबाव बनाने को कहा है. इन सांसदों का नेतृत्व लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी (British MP Tanmanjeet Singh Dhesi) कर रहे हैं. इन सांसदों ने खत में डोमिनिक रॉब से गुजारिश करते हुए यह कहा कि वे पंजाब के सिख किसानों के समर्थन में भारत सरकार से बातचीत करें.

तीन बिल को लेकर दिल्ली में किसान कर रहे विरोध

लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार कोरोना महामारी के बावजूद कृषि बिल लागू करने पर आमदा है. उन्होंने डॉमिनिक से कहा कि पिछले महीने कई ब्रिटिश सांसदों ने आपको और लंदन में भारतीय उच्चायोग को खत लिखकर यह बताया था इन कानूनों के जरिये किसानों के शोषण को लेकर तीन नए बिल लागू किए जा रहे हैं.



पंजाब में 40 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर
पंजाब की तीन करोड़ यानि कुल 40 फीसदी कृषि कार्य से जुड़ी हुई है. यही वजह है कि कृषि से जुड़े इस नए कानून को लेकर पंजाब के लोगों में रोष पैदा हुआ है. खेती का पंजाब की अर्थव्यवस्था में बहुत महत्व है. खेती को पंजाब की रीढ़ माना जाता है.

मीटिंग में शामिल होने थे 74 सांसद

तनमनजीत सिंह ने 28 नवंबर को इस नए कानून को लेकर पहली मीटिंग की थी. ऑल पार्टी पर्लियामेंटरी ग्रुप फॉर ब्रिटिश सिख की वर्चुअल मीटिंग में 14 सांसदों ने भाग लिया. इस मीटिंग में 60 सांसदों ने शामिल न होने के लिए क्षमा मांगी है.

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इस मीटिंग में इस कानून को लेकर ब्रिटिश गर्वनमेंट से भारत से बातचीत करने की मांग की गई. इस बैठक में डोमेनिक राब से मांग की गई कि पंजाब में बिगड़ते हालात और केंद्र के साथ इसके संबंध को लेकर एक जरूरी बैठक की जाए. दूसरी मांग यह की है कि भारत में भूमि और खेती के लिए लंबे समय से जुड़े ब्रिटिश सिखों और पंजाबियों को लेकर भारतीय अधिकारियों के साथ आप बातचीत करें.
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