गाजा में कोरोना के चार केस मिले, मंत्री ने कहा- कमजोर वायरस से डर कर घरों में कैद हुए लोग

गाजा में कोरोना के चार केस मिले, मंत्री ने कहा- कमजोर वायरस से डर कर घरों में कैद हुए लोग
गाजा के कानून मंत्री ने कोरोना को कमजोर वायरस बताया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गाजा में कोविड-19 (Covid-19) के पहले केस की पुष्टि होते ही वहां पूर्ण लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया है. गाजा के कानून मंत्री फराह अबू मिद्देन ने कहा कि कोरोना जैसा कमजोर वायरस की खबरें आते ही 20 लाख लोग घरों में बंद हो गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 6:44 PM IST
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गाजा. गाजा (Gaza) में कोविड-19 (Covid-19) के पहले केस की पुष्टि होते ही वहां पूर्ण लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया है. कोरोनावायरस (Coronavirus) का पहला मामला फिलीस्तीनी इन्क्लेव में मिला है. गाजा में हमास के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि करीब 20 लाख लोगों की स्वास्थ्य की चिंता करते हुए पूर्ण लॉकडाउन लगाना उचित था. हमास के गाजा पट्टी में गरीबी और सघन आबादी वाले इलाके हैं और इन इलाकों में हॉस्पिटल की भी कमी है. इन इलाकों में शरणार्थियों की आबादी बहुत ज्यादा है. ऐसे में यदि कोराना वायरस का संक्रमण शुरू हो गया तो भी संभालना मुश्किल होगा. गाजा के कानून मंत्री फराह अबू मिद्देन ने कहा कि यहां वर्षों से चल रहे युद्ध के बावजूद कभी भी गलियां सूनी नहीं होती हैं लेकिन कोरोना जैसा कमजोर वायरस की खबरें आते ही 20 लाख लोग घरों में बंद हो गए.

एक ही परिवार के चार लोगों को हुआ कोरोना संक्रमण

सरकारी प्रव​क्ता ने बताया कि शरणार्थी कैंप के एक ही परिवार में चार लोगों को कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है. गाजा में पहली बात तो यह है कि मिस्र और इज़राइल से तटीय एन्क्लेव पर सीमा पार करने के बाद उन्हें क्वारंटाइन की सुविधा नहीं दी जाएगी.



मिस्र और इजायरल ने जारी रखा है कड़ा प्रतिबंध
सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, मिस्र और इजरायल दोनों गाजा सीमांत पर कड़ा प्रतिबंध जारी रखा हुआ है और जिसके चलते गाजा के लोगों को बाहरी दुनिया से पिछले कुछ वर्षों के दौरान कम नाता रह गया है. साल 2006 के बाद से गाजा पट्टी इज़राइल और मिस्र के सख्त वायु, समुद्र और स्थल नाकेबंदी से गुजर रहा है.

48 घंटों के पूर्ण लॉकडाउन में सड़कें हुईं सूनी

गाजा पट्टी में अगले 48 घंटों के लिए बंद कर दी गई थीं. यहां सोमवार से शुरू हुए प्रतिबंध अगले दो दिनों तक चलाए गए और इस दौरान कारोबार, स्कूल, मस्जिद सभी कुछ पूरी तरह बंद रखे गए. हालांकि इस प्रतिबंध के दौरान कुछ लोग सड़कों और गलियों में दिखाई दिए. ये लोग जीवन से जुड़ी अनिवार्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए घरों से बाहर निकले थे. ये ग्रॉसरी या बेकरी का सामान लेने बाहर निकले थे. पुलिस वाहन लगातार गलियों और सड़कों पर गश्त दे रही थी और लाउडस्पीकर से गाजा के निवासियों से लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं करने का अनुरोध कर रही थी.

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अत्यधिक गरीबी और बेरोज़गारी दर, बहुत ही कमजोर और अपर्याप्त हेल्थ केयर सिस्टम और कम भूमि क्षेत्र में असामान्य रूप से उच्च जनसंख्या घनत्व और सख्त इजरायली नाकेबंदी के कारण जिसके चलते गाजा के लोग जीवित रहने के लिए उनकी आवश्यक मानवीय सहायता पर निर्भरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने पहले चेतावनी दी थी कि गाजा पट्टी के लिए ये जानलेवा बीमारी का प्रसार विनाशकारी होगा.
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