तुर्की: भूकंप के 91 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 4 साल की बच्ची, सब रह गए हैरान

तुर्की में 4 साल की बच्ची को 91 घंटे बाद मलबे से जिंदा बचाया गया.

Turkey Earthquake: तुर्की के इजमिर शहर से 4 साल की आयदा को करीब 91 घंटे यानी 4 दिन बाद मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया. आयदा के जिंदा बचने को तुर्की की सोषम मीडिया पर 'जीवन की उम्मीद' कहकर प्रचारित किया जा रहा है.

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    इस्तानबुल. तुर्की में आए भूकंप (Turkey Earthquake) में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1000 से भी ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सोमवार को एक 3 साल की बच्ची को 65 घंटे मलबे में दबे होने के बाद जिंदा बचाए जाने की घटना सामने आई थी. हालांकि तुर्की के इजमिर शहर से 4 साल की आयदा को करीब 91 घंटे बाद मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया. आयदा के बचने को लोग किसी करिश्मे से कम नहीं मान रहे हैं.

    अल जजीरा के मुताबिक बच्ची को रेस्क्यू करने वाले नुसरत अक्सोय ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान हमें एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी. भूकंप आए 4 दिन हो चुके थे और ऐसा असंभव था लेकिन हमने आवाज़ के सहारे उसे ढूंढना शुरू किया. इसके बाद जब हमने उसे देखा तो वो एक डिश वॉशर के पास हमें दिखाई दी. उसने हमें देखा तो हाथ हिलाया. वह अब ठीक है. एक दिन पहले ही इजमिर की ही एक इमारत के मलबे से 3 साल की बच्ची को बचाया गया था.





    इस बच्ची को बचाने वाले तुर्की फायरफाइटर मुअम्मर सेलिक ने बाद में मीडिया से कहा कि मैंने आज सच में एक चमत्कार देखा है, ऐसा सिर्फ भगवान की कृपा से ही संभव हो सकता है. सेलिक ने बताया कि मैंने जब इस बच्ची को फंसा देखा तो वह शायद सो रही थी. मैंने उस मरा हुआ मान लिया था और अपने साथी से उसके लिए एक बॉडी बैग मांगा था. हालांकि मैंने जैसे ही गीले रुमाल से उसका चेहरा पोछा उसने अपनी आंखें खोल दी. उसने मेरा अंगूठा जोर से पकड़ लिया. मैंने आज तक कभी ऐसा चमत्कार नहीं देखा था.

    मौत से लड़कर जीती है आयदा
    आयदा का मतलब- 'चांद से उतरी लड़की' होता है और बचाई गई बच्ची को तुर्की में सोशल मीडिया पर यही कहा भी जा रहा है. बता दें कि आयदा का घर बीते शुक्रवार को आए 7 तीव्रता वाले भूकंप में भरभराकर गिर गया. मलबे में दबी बच्ची तीन दिन और तीन रात तक फंसी रही और जिंदगी के लिए उसकी उम्मीद बनी रही. आयदा को जहां से बचाया गया है ये वो इलाका है जहां इजमिर शहर में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है. इजमिर के मेयर ट्यून्क सोयेर ने कहा कि 91वें घंटे में हमने एक करिश्मा होते देखा है. रेस्क्यू टीम ने बच्ची को बचा लिया है. हम बहुत ज्यादा दुख में हैं, उसके साथ ही हमें खुशी का ये पल भी मिला है.



    बता दें कि तुर्की में 30 अक्टूबर को भूकंप के तगड़े झटके आए थे. रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 7 थी. यहां मृतकों का आंकड़ा 102 हो गया है और जबकि 994 लोग घायल हैं. अधिकारियों ने बताया कि इजमिर में अभी 5 इमारतों में रेस्क्यू का काम जारी है. हालांकि अभी काफी लोग लापता भी बताए जा रहे हैं. बीते 4 दिनों से बचाव कार्य जारी है और पीड़ितों के लिए 3500 टेंट लगाए गए हैं, 13 हजार बिस्तर भी तैयार किए गए हैं ताकि बेघर हो चुके लोगों को आसरा दिया जा सके.

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