तंजानिया में पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर के दर्शन के दौरान भगदड़ में 45 लोगों की मौत

सरकार के अनुसार हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण मागुफुली का निधन हो गया (AP Photo)

सरकार के अनुसार हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण मागुफुली का निधन हो गया (AP Photo)

ऐसा बताया गया कि मगुफुली का हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ लेकिन निर्वासित विपक्षी नेता टुंडु लिस्सू ने कहा कि राष्ट्रपति की मौत कोविड-19 के कारण हुई.

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नैरोबी. तंजानिया में दिवंगत राष्ट्रपति जॉन मागुफुली के पार्थिव शरीर के दर्शन के दौरान भगदड़ होने से 45 लोगों की मौत हो गयी. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. यह घटना पिछले सप्ताह हुयी थह. भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और अपनी नेतृत्व शैली को लेकर मागुफुली लोगों के एक तबके के बीच काफी लोकप्रिय थे. हालांकि विपक्षी नेताओं ने उनकी नीतियों और कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pancemic) को लेकर उनके रुख की आलोचना की थी.

उनका पार्थिव शरीर दार एस सलाम में एक स्टेडियम में रखा गया था. शहर के पुलिस प्रमुख लजारो मम्बोसा ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर को देखने के लिए कुछ लोग एक दीवार पर चढ़ गए जो ढह गई. इससे वहां भगदड़ मच गयी और इसमें लोगों की मौत हो गयी. सरकार के अनुसार हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण मागुफुली का निधन हो गया. हालांकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमण को लेकर पैदा हुयी जटिलताओं के कारण उनकी मृत्यु हुयी.

बात दें मागुफुली के निधन के बाद सामिया सुलुहू हसन ने 19 मार्च को इतिहास रचते हुए तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली. उन्होंने देश के सबसे बड़े शहर दारेस्लाम में स्टेट हाउस के सरकारी कार्यालय में राष्ट्रपति पद की शपथ ली. हिजाब पहनकर और अपने दाएं हाथ में कुरान पकड़ते हुए हसन ने पद की शपथ ली. उन्हें मुख्य न्यायाधीश इब्राहिम जुमावोइंग ने शपथ दिलाई, जिसमें उन्होंने पूर्वी अफ्रीकी देश के संविधान को बरकरार रखने का संकल्प लिया.

तंजानिया के पूर्व राष्ट्रपति अली हसन मिन्यी, जकाया किकवेते और आबिद करुमे तथा मंत्रिमंडल के सदस्य भी इस मौके पर मौजूद रहे. शपथ लेने के बाद हसन ने सैन्य परेड का निरीक्षण किया.
हसन ने शपथ लेने से दो दिन पहले तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन मागुफुली के निधन की घोषणा की थी. मगुफुली को दो हफ्ते से अधिक समय से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था. मागुफुली ने तंजानिया में कोविड-19 फैलने की बात को खारिज करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय प्रार्थना ने इस बीमारी का देश से खात्मा कर दिया है. हालांकि, अपने निधन से कुछ हफ्तों पहले उन्होंने माना था कि यह संक्रामक रोग देश में एक खतरा है.

ऐसा बताया गया कि मगुफुली का हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ लेकिन निर्वासित विपक्षी नेता टुंडु लिस्सू ने कहा कि राष्ट्रपति की मौत कोविड-19 के कारण हुई.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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