इजरायली हमले में गई मां समेत भाइयों की जान, बांहों में लिपटा 5 महीने का बच्‍चा रहा जिंदा

अस्‍पताल में चल रहा है उमर का इलाज. (Pic- Social Media)

अस्‍पताल में चल रहा है उमर का इलाज. (Pic- Social Media)

Israel Palestine War: इस बच्‍चे का नाम उमर है. अस्‍पताल में अब उसका इलाज चल रहा है. उसके पैर में कुछ फ्रैक्‍चर हुए हैं. चेहरे पर खरोच के निशान हैं.

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गाजा सिटी. कहते हैं 'मां का आंचल दुनिया की हर परेशानी से बचा लेता है.' यह बात इजरायल (Israel) और फिलिस्‍तीन (Palestine) के बीच पिछले एक हफ्ते से जारी जंग के दौरान सामने आई एक घटना से पुष्‍ट होती है. गाजा (Gaza City) में यह अनोखी घटना देखने को मिली है, जिसने सभी का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है. यहां इजरायली हमले में महिला समेत उसके चार बच्‍चों की मौत हो गई. लेकिन एक 5 माह का बच्‍चा उसकी बाहों में जिंदा बचा रहा. ऐसा लगता है कि मां ने हमले से उसे बचाने के लिए ही उसे बांहों में छिपा लिया था. मां तो उसे जीवन देकर दुनिया से रुखसत हो गई लेकिन अब वह पिता की बाहों में खुद को महफूज समझ रहा है.

इस बच्‍चे का नाम उमर है. अस्‍पताल में अब उसका इलाज चल रहा है. उसके पैर में कुछ फ्रैक्‍चर हुए हैं. चेहरे पर खरोच के निशान हैं. उसके पिता मोहम्‍मद अल हदीदी ने जानकारी दी कि शुक्रवार को उसकी पत्‍नी और उसके पांच बच्‍चे अपने मामा के घर पर ईद का जश्‍न मनाने गए थे. इस दौरान हदीदी के साले ने उन सभी से शुक्रवार को घर पर ही रुकने को कहा तो सभी वहीं रुक गए.

हदीदी अपने घर चले आए. वह अपने घर पर ही सो रहे थे. सोते समय उन्‍हें बम विस्‍फोट की आवाज सुनाई दी. ऐसे में वह तुरंत जाग गए. इसके बाद उन्‍हें उनके पड़ोसी ने जानकारी दी कि उनके साले के घर पर इजरायली मिसाइल से हमला हुआ है. यह सुनकर वह तुरंत उसके घर की ओर चल पड़े. वहां पहुंचकर उन्‍होंने देखा कि घर तो पूरी तरह से तबाह हो गया था और बचावकर्मी मलबे से शव निकाल रहे थे.

इस हमले में उनकी पत्‍नी माहा अबू हताब और उनके चार बच्‍चे- 13 साल का सुहैब, 11 साल का याहया, 8 साल का अब्‍दर्रहमान और 6 साल के ओसामा की मौत हो गई थी. उनके साथ ही उनकी साली और उसके चार बच्‍चों की भी मौत हो गई.
उमर को गाजा हॉस्पिटल ले जाया गया. वहां हदीदी ने उसे बाहों में लेकर प्‍यार किया. उनका कहना है कि मेरा अब उसका सिवा कोई नहीं है. बचावकर्मियों ने हमले के बाद उसकी मां की बाहों में से उसे जिंदा निकाला था. पूरे परिवार को खोने के बाद पिता हदीदी इस दौरान काफी भावुक हो गए थे.


अस्‍पताल में उमर को बाहों में लेकर उन्‍होंने कहा, 'वे लोग ईश्‍वर को खोजने गए हैं. हम यहां आसपास और अधिक समय के लिए नहीं रह सकते. हम उनसे जल्‍द मिलेंगे. तुम और मैं. हे ईश्‍वर, इसमें अधिक समय न लगाइएगा.' इस दौरान हदीदी का कहना था कि वह उमर की देखभाल करेंगे, वह उसे अकेले ही बड़ा करेंगे.

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