लीबिया में बंधक बनाए गए सात भारतीय छूटे, आतंकवादियों ने पिछले महीने किया था किडनैप

लीबिया में अगवा हुए 7 भारतीयों को रिहा करा लिए गया. (ANI)
लीबिया में अगवा हुए 7 भारतीयों को रिहा करा लिए गया. (ANI)

लीबिया में अगवा किए गए 7 भारतीय नागरिकों को (Indian Citizens Abducted in Libya) को छुड़ा लिया गया है. इन सभी को 14 सितंबर को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 11:46 PM IST
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त्रिपोली/नई दिल्ली. लीबिया में अगवा किए गए 7 भारतीय नागरिकों को (Indian Citizens Abducted in Libya) को छुड़ा लिया गया है. ट्यूनीसिया  में भारत के राजदूत पुनीत रॉय कुंडल ने इस खबर की पुष्टि कर दी है. इन सभी को 14 सितंबर को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था. भारतीयों के अगवा होने की खबर गुरूवार को आने के बाद से ही भारतीय विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) और भारतीय दूतावास इनकी रिहाई की लगातार कोशिश में जुट गया था. ये लोग आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के हैं.  गौरतलब है कि लीबिया में भारत का कोई दूतावास नहीं है और ट्यूनीशिया में स्थित भारतीय दूतावास ही लीबिया में रह रहे भारतीयों के हितों की चिंता करता है.

अगवा हुए कर्मचारी सुरक्षित हैं: विदेश मंत्रालय 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगवा हुए कर्मचारी सुरक्षित हैं. भारतीय दूतावास ट्यूनीसिया और लीबिया सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए है, जिससे इन कर्मचारियों को मुक्त कराया जा सके. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साप्ताहिक प्रेसवार्ता में कहा कि ट्यूनीसिया में भारतीय दूतावास लीबिया में रह रहे भारतीयों के कल्याण संबंधी मामलों की देखरेख करता है. ट्यूनीसिया में भारतीय दूतावास ने लीबिया की सरकार के साथ-साथ वहां पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भारतीय नागरिकों को छुड़ाने के लिए मदद की गुहार की है. अपहरणकर्ता ने भारतीय कर्मचारियों के नियोक्ताओं से संपर्क साधकर उन्हें कुछ तस्वीरें भेजी हैं, जिससे यह पुष्ट होता है कि वे सभी सुरक्षित हैं और उन्हें सकुशल रखा जा रहा है.



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सभी को अशवरीफ से किया गया था अगवा

इन भारतीय नागरिकों को लीबिया में 14 सितंबर को अशवरीफ नाम की जगह से अगवा किया गया था. ये सभी कंस्ट्रक्शन और ऑयल कंपनी में काम कर रहे थे. इन्हें तब अगवा किया गया जब ये त्रिपोली एयरपोर्ट की तरफ जा रहे थे.

विदेश मंत्रालय से लगाई गई थी गुहार 

अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंसे कुशीनगर, यूपी निवासी मुन्ना चौहान के रिश्तेदार लल्लन चौहान की अपील पर सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्विट करके विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इंडियन डिप्लोमेसी से मदद मांगी थी. उन्होंने सभी सातों की जल्द से जल्द रिहाई करवाने की अपील की थी. आंध्र प्रदेश के एक सांसद ने संसद सत्र के दौरान इस मामले को सदन में भी उठाया था. जबकि ललन चौहान ने इस संबंध में सेंट्रल दिल्ली के प्रसाद नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी.

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वर्ष 2016 में भारत सरकार ने लीबिया जाने पर लगाई थी रोक

विदेश मंत्रालय ने कहा कि लीबिया में सुरक्षा हालात के मद्देनजर सितंबर 2015 में वहां नहीं जाने की एडवाइजरी जारी की गई थी. वर्ष 2016 में सरकार ने लीबिया की यात्रा पर पाबंदी लगा दी थी.
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