सिंगापुर: ISIS का समर्थन करने के मामले में गृहिणी हिरासत में, पति पहले हो चुका है गिरफ्तार

मलेशियाई उच्च न्यायालय ने 15 अप्रैल को मोहम्मद फिरदौस को आतंकवाद संबंधित प्रोपेगैंडा सामग्री रखने के जुर्म में तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी. 
 (सांकेतिक तस्वीर)

मलेशियाई उच्च न्यायालय ने 15 अप्रैल को मोहम्मद फिरदौस को आतंकवाद संबंधित प्रोपेगैंडा सामग्री रखने के जुर्म में तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

ISIS Supporter Detained: धार्मिक शिक्षक रुकैया रामिल को उसके मलेशियाई पति मोहम्मद फिरदौस कमल इंतेजाम ने कट्टरपंथी बना दिया था जिसके बाद उसे चेतावनी देते हुए एक आदेश दिया गया था.

  • Share this:

सिंगापुर. सिंगापुर में 34 वर्षीय गृहिणी को इस्लामिक स्टेट (ISIS) आतंकवादी संगठन के विदेशी समर्थकों के साथ लगातार ऑनलाइन बातचीत करने के बाद सख्त आंतरिक सुरक्षा कानून (ISA) के तहत हिरासत में लिया गया है. ऐसा आरोप है कि महिला के बर्ताव में भी कट्टरपंथ बढ़ गया था. कहा जा रहा है कि वह लगातार ISIS के हिंसक कामों का समर्थन कर रही थी.

एक अंशकालिक स्वतंत्र धार्मिक शिक्षक रुकैया रामिल को उसके मलेशियाई पति मोहम्मद फिरदौस कमल इंतेजाम ने कट्टरपंथी बना दिया था जिसके बाद उसे चेतावनी देते हुए एक आदेश दिया गया था. मोहम्मद फिरदौस को आईएसआईएस का समर्थन करने के सिलसिले में पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और सिंगापुर से प्रत्यर्पित किया गया था.

यह भी पढ़ें: बांका मस्जिद विस्फोट में इमाम की मौत और बिहार का आतंक कनेक्शन, पढ़ें डिटेल स्टोरी

मलेशियाई उच्च न्यायालय ने 15 अप्रैल को मोहम्मद फिरदौस को आतंकवाद संबंधित प्रोपेगैंडा सामग्री रखने के जुर्म में तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी. आंतरिक सुरक्षा विभाग (आईएसडी) ने बुधवार को बताया कि रुकैया को चेतावनी भरा आदेश देने के बाद से उसके बर्ताव में कट्टरपंथ बढ़ता चला गया. चैनल न्यूज एशिया ने आईएसडी के हवाले से कहा, ‘रुकैया ने पुनर्वास कार्यक्रम में भाग लेने की किसी भी कोशिश में शामिल होने से इनकार कर दिया और अपनी कट्टरपंथी विचारधारा पर अड़िग रही.’


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई में सिंगापुर के दो नागरिकों को नजरबंदी से रिहा किया गया था. ISD ने जानकारी दी है कि उन्होंने पुनर्वास में बेहतर काम किया और यह पाया गया कि वे सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं, जिन्हें नजरबंदी की जरूरत हो. 30 साल के मोहम्मद फैशल मोहम्मद रजाली को अप्रैल 2018 में नजरबंद किया गया था. बाद में उसे रिहा कर दिया गया था.

(भाषा इनपुट के साथ)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज